अन्धविश्वास के भेंट चढ़ी 3 साल की मासूम बच्ची, बिच्छू के काटने पर करवा रहे थे झाड़-फूंक

छत्तीसगढ़ के जांजगीर में अंधविश्वास के चलते 3 साल की बच्ची की मौत हो गई। बताया गया कि इसी देरी के चलते बच्ची ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है...

Update: 2021-12-30 15:16 GMT

छत्तीसगढ़ के जांजगीर में अंधविश्वास के चलते 3 साल की बच्ची की मौत हो गई। बताया गया कि इसी देरी के चलते बच्ची ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामला बाराद्वारा थाना क्षेत्र का है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार डूमरपारा गांव के संतोष बंजारे की 3 साल की बेटी संध्या बुधवार शाम घर के बाहर ही अपनी सहेलियों के साथ खेल रही थी। जिस दौरान उसे बिच्छू ने डंक मार दिया। उसके रोने की आवाज सुनकर परिजन पहुंचे तो वहां बिच्छू को देख उसे मार दिया। इसके बाद डॉक्टर के पास ले जाने की जगह बच्ची की झाड़-फूंक कराने लगे।

बच्ची की हो गई मौत

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार झाड़-फूंक से इलाज के दौरान ही बच्ची ने उल्टियां करनी शुरू कर दी और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांप और बिच्छू के काटने पर अभी भी झाड़-फूंक का तरीका अपनाया जाता है। इसके चलते जहर बच्ची के शरीर में फैलता चला गया।

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