कठुआ में बोले पीएम मोदी, 'मुफ्ती और अब्दुल्ला जान लें, मैं मोदी हूं, न झुकता हूं न बिकता हूं'

अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार ने जम्मू कश्मीर की तीन पीढ़ियों की जिंदगी बर्बाद की. इनके हटने के बाद ही जम्मू कश्मीर की किस्मत चमक सकती है.

Update: 2019-04-14 07:15 GMT

कठुआ : देश भर मेम चल रहे लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सभी राजनीतिकण पार्टियों के नेता अपने-अपने चुनाव प्रचार में लगे हैं. इसी क्रम में पीएम मोदी आज जम्मू-कश्मीर के कठुआ में रैली को सम्बोधित कर रहे हैं. कठुआ में अपना संबोधन शुरू करने से पहले पीएम मोदी ने डॉ. भीम राव आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री ने कहा, भारी मतदान से महामिलावटियों को बड़ा झटका लगा है. इस बार 2014 से भी बड़ी लहर है.

मैं मुफ्ती और अब्दुल्ला परिवार से कहना चाहता हूं कि मैं मोदी हूं...मैं न झुकता हूं न बिकता हूं. कांग्रेस का खून संक्रमित हो चुका है. कांग्रेस जम्मू कश्मीर से सेना हटाना चाहती है. कांग्रेस पाकिस्तान से बात करना चाहती है. कांग्रेस अफस्पा हटाना चाहती है, वो हमारी सेना का मनोबल गिराना चाहती है. कांग्रेस लोगों का भरोसा खो चुकी है. अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार ने जम्मू कश्मीर की तीन पीढ़ियों की जिंदगी बर्बाद की. इनके हटने के बाद ही जम्मू कश्मीर की किस्मत चमक सकती है. वे अपना पूरा कुनबा मैदान में उतार लें, जितनी मर्जी गाली दें लेकिन वे देश को नहीं तोड़ पाएंगे.

कांग्रेस की नीतियों के चलते ही मेरे कश्मीरी पंडित भाई-बहनों को अपना ही घर छोड़ना पड़ा. कांग्रेस और उसके साथियों को अपने वोटबैंक की इतनी चिंता थी कि कश्मीरी पंडितों पर होने वाले अत्याचार उन्होंने देखकर भी अनदेखे कर दिए. न्याय का ढोंग करने वाली कांग्रेस, क्या कभी कश्मीरी पंडितों को न्याय दिला पाई? क्या कभी 84 के दंगों में मारे गए सिख भाई-बहनों,बहू-बेटियों को कांग्रेस न्याय दिला पाई.

पीएम ने कहा, जम्मू कश्मीर में शहीद हुए हर भाजपा कार्यकर्ता, हर देशभक्त नागरिक और उनके परिवारों को मैं नमन करता हूं. राजनीति अपनी जगह होती है, चुनाव अपनी जगह है, नेता भी आते जाते रहते हैं, लेकिन हमारा ये देश हमेशा रहेगा. ये देश है तभी राष्ट्र रक्षा का भाव है, राष्ट्रवाद है. देश में कुछ लोग मोदी के विरोध में इतने डूब गए हैं कि उनको राष्ट्रवाद गाली नज़र आने लगा है. महामिलावटी और उनके रागदरबारी आए दिन सवाल पूछते हैं कि मोदी राष्ट्र रक्षा की बात क्यों करता है.

पीएम ने कहा, वे कांग्रेस के नामदार के साथ जलियांवाला बाग गए लेकिन भारत सरकार के अधिकृत कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति के साथ जाना उन्होंने सही नहीं समझा. यही राष्ट्र भक्ति और परिवार भक्ति का फर्क है. कल उपराष्ट्रपति महोदय सरकार के अधिकृत कार्यक्रम में जलियांवाला बाग शहीदों को श्रद्धांजलि देने वहां गए थे लेकिन उनके इस कार्यक्रम में कांग्रेस के मुख्यमंत्री गायब थे. उन्होंने इस कार्यक्रम का बहिष्कार इसीलिए किया क्योंकि वो कांग्रेस परिवार की भक्ति में जुटे हुए थे. मैं कैप्टन अमरिंदर सिंह को बरसों से जानता हूं. मैं समझ सकता हूं कि इस परिवार भक्ति के लिए उन पर किस तरह दबाव बनाया गया. पंजाब में जिस तरह के दांव पेच चलाए जा रहे हैं, उसके सामने कैप्टन को भी झुकना पड़ गया.




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