महाराष्ट्र में टला संवैधानिक संकट, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की बाल बाल बची कुर्सी

लेकिन किसी भी सदन के सदस्य न होने के चलते महाराष्ट्र में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था.

Update: 2020-05-18 04:00 GMT

मुंबई. महाराष्ट्र में पिछले एक महीने से जारी संवैधानिक संकट आज खत्म हो जाएगा. आज दोपहर 1 बजे महाराष्ट्र में निर्विरोध चुने गए सभी MLC विधान परिषद की सदस्यता की शपथ लेंगे. हर किसी की निगाहें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर टिकी रहेंगी, वे भी शपथ लेंगे. ठाकरे 27 मई को बतौर मुख्यमंत्री अपना 6 महीने का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं लेकिन किसी भी सदन के सदस्य न होने के चलते महाराष्ट्र में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था.

8 नेता लेंगे शपथ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आठ अन्य उम्मीदवारों को पिछले हफ्ते राज्य विधान परिषद के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था. उद्धव ठाकरे के अलावा विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरे (शिवसेना), रणजीत सिंह मोहिते पाटिल, गोपीचंद पाडलकर, प्रवीण दटके और रमेश कराड (सभी भाजपा) को भी निर्वाचित घोषित किया गया. निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में राकांपा के शशिकांत शिंदे और अमोल मितकरी तथा कांग्रेस के राजेश राठौड़ शामिल हैं.

निर्विरोध चुने गए

ये सभी उम्मीदवार विधान परिषद की उन नौ सीटों के लिए मैदान में थे जो 24 अप्रैल को खाली हुयी थीं.एक अधिकारी ने कहा था, 'वे सभी निर्विरोध चुने गए. उन्होंने बताया कि नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित किए गए.

ठाकरे पर नजर

इस चुनाव के साथ 59 वर्षीय ठाकरे पहली बार विधायक बने हैं. वह शिवसेना के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उन्हें 27 मई से पहले विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी एक का सदस्य बनना जरूरी था.

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