भारत आ रहे इजरायली जहाज पर हिंद महासागर में ड्रोन अटैक, ऐक्शन में आई नौसेना, हूती विद्रोहियों का हो सकता है हाथ!
यह जहाज सऊदी अरब के एक बंदरगाह से भारत के मंगलौर आ रहा था.;
हमास और इजरायल में जारी जंग के बीच शनिवार को अरब सागर में इजरायल से संबद्ध जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला गुजरात के वेरावल से 200 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में किया गया है. हमले के बाद जहाज में आग लग गई. लेकिन समय रहते आग को बुझा दिया गया. यह जहाज सऊदी अरब के एक बंदरगाह से भारत के मंगलौर आ रहा था.
ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस और समुद्री सुरक्षा फर्म एंब्रे के मुताबिक, भारत के तट पर संदिग्ध हमले के कारण जहाज पर आग लग गई। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने कहा कि हमला अनक्रूड एरियल सिस्टम द्वारा किया गया था। फिलहाल, अधिकारी इस मामले की गहन जांच कर रहे है।
यह घटना 18 दिसंबर की बताई जा रही है। इस हमले से टैंकर पर आग लग गई, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है। इस टैंकर के चालक दल में कुछ भारतीय सदस्य भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लाइबेरियाई झंडे वाला यह टैंकर शिप इजरायल से संबंधित था और भारत आ रहा था। हमले के बाद भी यह टैंकर भारत की तरफ अपनी यात्रा जारी रखे हुए है। इस हमले ने भारत की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। अरब सागर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का हिस्सा है। ऐसे में हमले की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत कार्रवाई की। भारतीय नौसेना का विमान उस इलाके में गश्त लगा रहा है। नौसैना ने अरब सागर में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, एंब्रे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत के वेरावल से 200 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में हुई इस घटना में बिना किसी हताहत के टैंकर में लगी आग को बुझा दिया गया. जहाज में कुछ स्ट्रक्चरल डैमेज हुई है, जिससे कामकाज पर असर पड़ा है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इंडियन नेवी इस हमले का जवाब दे रही है. नेवी के अधिकारी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आसपास के क्षेत्र में भारतीय नौसेना के युद्धपोत अरब सागर की ओर जा रहे हैं. इजरायली जहाज पर यह हमला ऐसे समय में किया गया है जब हाल ही में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से होकर जाने वाले इजराली जहाजों को निशाना बनने की चेतावनी दी थी. हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कई व्यापारिक जहाजों को अपना निशाना भी बनाया था. जिस वजह से व्यापारिक जहाजों को रूट बदलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. नवंबर महीने में हूती विद्रोहियो ने लाल सागर में एक मालवाहक जहाज को हाइजैक भी कर लिया था.