कांग्रेस हाईकमान ने CM कैप्टन से मांगा इस्तीफा?' अमरिंदर सिंह ने दी चेतावनी, ऐसे अपमान के साथ कांग्रेस में नहीं रह सकता!

कैप्टन से नाखुश 40 विधायकों की चिट्ठी के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लिया?

Update: 2021-09-18 07:34 GMT

पंजाब कांग्रेस में मचा घमासान अब इस हद तक बढ़ गया है कि अब कैप्टन अमरिंदर सिंह की CM की कुर्सी जाती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन से इस्तीफा मांग लिया है। इसके अलावा शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक में नया नेता चुनने का आदेश दिया है। इसका पता चलते ही अब कैप्टन ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ व सांसद मनीष तिवारी से बात की। सूत्रों की मानें तो कैप्टन ने आज ही पूरी कलह खत्म करने को कहा है। कैप्टन ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उन्हें CM पद से हटाया गया तो वो पार्टी भी छोड़ देंगे। उन्होंने यह संदेश पार्टी हाईकमान तक पहुंचाने के लिए कहा है। इससे पहले सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार मुहम्मद मुस्तफा ने साढ़े 4 साल बाद कांग्रेसी CM चुनने के मौके का बड़ा बयान दिया है।

अब बड़ा सवाल यह हो गया है कि सम्मानजनक विदाई के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह इस्तीफा देंगे या फिर विधायक दल की बैठक में ही अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगे। कैप्टन ने करीब 2 बजे अपने खेमे की बैठक बुलाई है और विधायकों को वहां आने को कहा है। हालांकि उनके खेमे के विधायक उनसे किनारा करने लगे हैं। कैप्टन के करीबी राजकुमार वेरका ने कहा कि वो शाम को CLP की बैठक में ही जाएंगे।

इससे पहले कैप्टन से नाखुश 40 विधायकों की चिट्ठी के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लिया। हाईकमान ने आज शाम 5 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में विधायक दल की बैठक बुला ली। पहले पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। जिसके बाद रावत ने शुक्रवार आधी रात को सोशल मीडिया पर विधायक दल की मीटिंग के बारे में जानकारी दी है। इस मीटिंग में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर अजय माकन और हरीश चौधरी भी मौजूद रहेंगे और पूरी रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को भेजेंगे।

इसी बीच प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा ने ट्वीट के जरिए कहा कि पंजाब के विधायकों के पास साढ़े 4 साल बाद कांग्रेसी CM चुनने का मौका है। साफ तौर पर उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेसी होने को ही नकार दिया। मुस्तफा बोले कि 2017 में पंजाब ने कांग्रेस को 80 MLA दिए। इसके बावजूद कांग्रेसियों को आज तक कांग्रेसी CM नहीं मिला। मुस्तफा ने यहां तक कहा कि करीब साढ़े 4 साल में कैप्टन ने पंजाब और पंजाबियत के दर्द को दिल से नहीं समझा। मुस्तफा ने कहा कि 80 में से 79 (कैप्टन को छोड़कर) विधायकों के पास सम्मान पाने व जश्न मनाने का मौका है।

पंजाब कांग्रेस की तरफ से प्रधान नवजोत सिद्धू ने भी विधायक दल की बैठक को लेकर ट्वीट किया है। वहीं, उनके करीबी संगठन महासचिव विधायक परगट सिंह ने कहा कि पार्टी की अंदरुनी नीतियों पर चर्चा को लेकर यह बैठक बुलाई गई है। हर किसी का अपना नजरिया है और उसे विधायक दल की बैठक में सुना जाना चाहिए। इसमें क्या परेशानी है।

कैप्टन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक हाईकमान के 18 सूत्रीय फॉर्मूले को लेकर है, लेकिन बागियों के रुख को देखकर साफ है कि इसके जरिए कैप्टन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी है। बागी ग्रुप की तरफ से हरीश रावत पर भी सवाल उठाए जा रहे थे, ऐसे में आज की बैठक के लिए दो केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजे जा रहे हैं, ताकि बाद में किसी को सवाल उठाने का मौका न मिले।

कैप्टन ने बुलाए अपने करीबी विधायक

कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाए जाने का पता चलते ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अपने करीबी विधायकों को सिसवां फार्म हाउस पर बैठक के लिए बुला लिया है। माना जा रहा है कि कैप्टन ये स्ट्रैटजी बनाने में जुटे हैं कि अगर बागी ग्रुप अविश्वास प्रस्ताव लाता है तो उससे कैसे निपटा जाए।

अगले साल चुनाव हैं, इसलिए विवाद खत्म करने की कोशिश होगी

नवजोत सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के बाद से ही कांग्रेस में खींचतान बढ़ गई थी। खासतौर से कैप्टन के विरोधी गुट ने दूसरी बार मोर्चा खोल दिया है, जबकि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस चाहेगी कि जल्द से जल्द इस मामले को सुलझा लिया जाए। हालांकि कैप्टन के खिलाफ बगावत का हर दांव अभी तक फेल रहा है। ऐसे में अब सिद्धू खेमा पूरा जोर लगाएगा कि आज की बैठक में ही कैप्टन को कुर्सी से हटाने का फैसला हो जाए।

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