जयपुर विकास प्राधिकरण में भूमाफिया कर रहा है फर्जी पट्टों से जेडीए की जमीनों पर कब्जे कोर्ट के आदेश पर भारी मिलीभगत?

कोर्ट के प्रभावी स्थगनादेश की प्रतिया जेडीए की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों को देने के बाद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है?;

Update: 2026-03-29 13:50 GMT

मो. हफ़ीज़ पठान (जयपुर) : राज्य की राजधानी जयपुर में शहर का सुनियोजित ढंग से विकास करने और आम आदमी को आवास के लिए घर की जमीन उपलब्ध कराने के लिए बना जयपुर विकास प्राधिकरण इन दिनों पूर्ण रूप से भू-माफिया फर्जी पट्टों से जेडीए व गरीब किसानों की जमीन हड़पने वाले भूमाफियाओं की चाकरी करने में लगा है। कोर्ट कचहरी कानून जेडीए के प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों की नजर में अब कोई मायने नहीं रखते भू-माफिया सरदार अमित विजय से जेडीए अधिकारियों की मिलिभगत से करोड़ों की सरकारी जेडीए की भूमि के साथ गरीब अनपढ़ किसानों की जमीनों पर दिन दहाड़े कब्जे हो रहें हैं लगातार पीड़ित लोग शिकायत पर शिकायत कर रहे हैं।

कोर्ट के प्रभावी स्थगनादेश की प्रतिया जेडीए की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों को देने के बाद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है। उल्टा शिकायत करने वाले व्यक्तियों को भी अब तो भू-माफिया सरदार अमित विजय दल बल सहित हथियार बंद अपने गुंडों से जान माल के नुकसान की सीधी धमकियां देने पर उतारू हैं। डरे सहमें हुए लोगों की लंबी फेहरिस्त है शिकायतों का अंबार लगा है पर जेडीए के प्रवर्तन शाखा के भ्रष्टाचार के सामने राजधानी जयपुर में कानून के शासन का खूब मजाक उड़ाया जा रहा है।

जेडीए की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों ने शर्म लोकलाज मर्यादा सब भू-माफिया सरदार अमित विजय के चरणों में गिरवी रख दी है। इनकी मिलिभगत के सामने जेडीए कोर्ट, राजस्व मंडल, राजस्व अपील अधिकारी सहित कई कोर्ट के फ़ैसले पालना के लिए अंतिम सांस लिए दम तोड़ने के कगार पर पहुंच गए हैं। लोगों का धैर्य कानून के शासन का विश्वास निरंतर टूट रहा है यह सब राज्य की राजधानी जयपुर में हो रहा है जहाँ प्रदेश की सरकार हाईकोर्ट, मंत्रीमंडल, सम्पूर्ण प्रशासन का अमला बैठा है फिर भी न्याय की आशा टूट रही है।

पीड़ित लोगों का कीमती धन समय श्रम कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने में ही बीता जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री तक हम दीन दुखी गरीबों की कातर पुकार इस समाचार के माध्यम से जेडीए में बने भू-माफिया प्रवर्तन शाखा के गठजोड़ की खबर पंहुचा रहे हैं। इस विश्वास के साथ कि मुख्यमंत्री कार्यालय के दखल से देर सवेर जेडीए में बने भू-माफिया अधिकारी गठजोड़ में लिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई कर भू-माफिया सरदार अमित विजय के अवैध निर्माण फर्जी पट्टों से जेडीए सरकारी भूमि पर कब्जे हटाकर न्यायालय के आदेश अनुरूप सख्त कार्रवाई होगी और पीड़ितों को न्याय शीघ्र मिलेगा?

पूर्ण समाचार अनुसार इन दिनों जयसिंहपुराखोर क्षेत्र में जेडीए के जोन 10 में भू-माफिया सरदार अमित विजय ने एक दर्जन के करीब सरकारी जेडीए की जमीनों और गरीब लोगों की जमीनों उनके सोसायटी से खरीदे प्लाटों पर फर्जी पट्टे बनाकर कब्जे कर अवैध निर्माण कर बेचा जा चुका है बहुत लंबी फेहरिस्त है।

इस भू माफिया सरदार अमित विजय के कारनामों की इसके नाम की दहशत भी है। लोगों में जो जुबान खोलने कानूनी कार्रवाई करने से डरते हैं फिर ओने पोने दाम देकर यह भू माफिया लोगों को चुप करा देता अनेक लोगों का खतरनाक अंजाम के उदाहरण भी क्षेत्रीय लोगों ने देख रखे हैं अनेक बार यह भू माफिया चप्पल छोड कर भागा भी है! जयसिंहपुराखोर, जामडोली रोड पर देवी रत्न होटल के साथ लगती जमीन की खातेदारी चंदा वल्द भगवाना गुर्जर के नाम पर थी जिसका इंद्राज जयपुर रियासत की तत्कालीन चक बंदी रजिस्टर में खातेदारी के नाम पर दर्ज थी जो बाद में गलती से सिवायचक भूमि के रूप में दर्ज हो कर जेडीए की खातेदारी में दर्ज हो गई। चंदा वल्द भगवाना गुर्जर के वारिसान ने एक राय होकर यह जमीन अपने सभी अधिकार सहित सूरज पोल गेट गृह विकास सहकारी समिति लि. को वर्ष 2003 मे एक करोड़ सत्तर लाख रुपए में चुकती राशि नकद प्राप्त कर लिखा पढ़ी उचित स्टांप पेपर पर कर भूमि बेचान कर दी।

यहाँ से सोसायटी के प्रतिनिधि ने मुख्तयार आम वासुदेव ने राजस्व अपील अधिकारी की कोर्ट में जेडीए के विरुद्ध वाद दायर किया। जिसमें न्यायालय ने उक्त भूमि पर कब्जा चंदा वल्द भगवाना गुर्जर वारिसान का मानते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिनांक वर्ष 2009 दिनांक 12 जून को पारित किया जिसके विरुद्ध जेडीए ने राजस्व मंडल अजमेर में अपील की गई इस अपील का निस्तारण करते हुए राजस्व मंडल अजमेर कोर्ट ने राजस्व अपील अधिकारी जयपुर के निर्णय यथास्थिति बनाए रखने के आदेश को स्थाई करते हुए अपने फ़ैसले में लिखा कि नियमानुसार जेडीए किसी भी भूमि को जनहित में अधिग्रहण कर उसका मुआवजा देने के बाद ही भूमि का मालिक बन सकता अन्यथा नहीं और यथा स्थिति आदेश को परमानेंट कन्फर्म कर मूल दावे के साथ वाद का निस्तारण करने के लिए वापस पत्रावली राजस्व अपील अधिकारी जयपुर के कोर्ट में भेज दी। कुछ वर्ष बाद सोसायटी के प्रतिनिधि वासुदेव की मौत हो जाती है इसके पश्चात सोसायटी ने अपना कानूनी कार्रवाई करने हेतु दूसरा प्रतिनिधि बना दिया। सोसायटी ने उक्त खसरा नंबर की भूमि पर एक कॉलोनी का विकास कर अपने सदस्यों को प्लाट आवंटित कर दिए जिस पर कई सदस्यों ने अपने प्लाट पर निर्माण कर रहवास भी शुरू कर दिया।

 यह भूमि कागजों में आज भी जेडीए के स्वामित्व खातेदारी में दर्ज है। यहां से फिर शुरू होता है कुख्यात भू माफिया सरदार अमित विजय का शैतानी दिमाग का फर्जी पट्टों से जमीन हड़पने का खेल जो आजतक जारी है। इस खाली पड़ी भूमि पर फर्जी सोसायटी फकीरों की डूंगरी के मृत पदाधिकारियों के कूट रचित दस्तावेज तैयार कर भू माफिया सरदार अमित विजय ने फर्जी पट्टों से हजारों गज जमीन पर जेडीए के भ्रष्ट प्रवर्तन अधिकारियों के सहयोग से लगातार काम चला कर अवैध फ़ार्म हाउस बना कर बेच दिए। इस काम में इसके साथ विकास जैफ भी शामिल हैं कुछ समय बाद जैसे ही सोसायटी के पदाधिकारियों को इस जाल साज की ठगी का पता चला तो उन्होंने इसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की और थाना जयसिंहपुरा खोर में इसके विरुद्ध फर्जी पट्टों से जमीन हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया। यहां ग़ौरतलब है कि इस भू माफिया को जेडीए की प्रवर्तन शाखा के भ्रष्ट अधिकारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है इस कारण फर्जी पट्टों को असली बता कर यह माफिया यथास्थिति आदेश जेडीए कोर्ट से प्राप्त करने में सफल हो जाता है। विधि का स्पष्ट सिद्धांत है कि न्यायालय में न्याय मांगने के लिए आने वाले वादी का क्लीन हैंड से कोर्ट में आना ज़रूरी है परंतु अपनी आदतों से मजबूर यह जालसाज़ कोर्ट में भी फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर कोर्ट को गुमराह कर छल से न्यायिक आदेश प्राप्त करता रहता है।

 सोसायटी ने जब जेडीए कोर्ट को बताया कि कोर्ट को गुमराह कर फर्जी पट्टों से जेडीए प्रवर्तन शाखा के बेईमान अधिकारियों के सहयोग से यह अपराधी कोर्ट से अपने पक्ष में मनमाने आदेश प्राप्त कर जमीनों पर कब्जा करता है। इस पर जेडीए कोर्ट ने इसके सारे निर्माण तोड़ने का आदेश दे दिया परन्तु आदेश के बाद भी एक ईंट तक इसकी जेडीए प्रवर्तन शाखा ने नहीं हटाई है और खसरा नंबर 505/1 कि भूमि जो जेडीए के नाम खातेदारी की उस पर भी यह भू माफिया दिन दहाड़े फर्जी पट्टों से कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहा है हमारे द्वारा जेडीए की प्रवर्तन शाखा प्रभारी शिल्पा चौधरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को उनके मोबाइल पर मैसेज कर अवगत कराया और जोन 10 के EO भारत सिंह से सम्पर्क किया तो उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा हमने WHATSAPP पर मैसेज कर स्थिति से अवगत कराया पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जयसिंहपुरा खोर में ही (बल्लुपुरा, जामडोली,सुमेल) में भी यह माफिया सरकारी भूमि पर कब्जा कर फर्जी पट्टों से जेडीए की भूमि बेच रहा है आज भी इसका अवैध निर्माण जारी है जेडीए की प्रवर्तन शाखा में इन दिनों राम नाम की लूट चल रही? देश में कोई राम के नाम वोट लूट रहा कोई राम के नाम पर भिक्षा पात्र लिए मांग रहा है सचमुच राम की महिमा अपरम्पार है। हरि अनंत हरि कथा अनंता राम अनंत राम की दया अनंता राम राज भाजपा का और जेडीए की प्रवर्तन शाखा में रावण राज वह भी प्रदेश में धार्मिक प्रवृत्ति के धर्म प्रेमी मुख्यमंत्री आदरणीय भजनलाल के शासन में कुछ उल्टा नहीं हो रहा है ।जेडीए में बहुत कुछ गड़बड़ हो रहा है हमारी मांग मुख्यमंत्री से है तत्काल आवश्यक कड़ी कार्रवाई कर इस जेडीए अधिकारी भू माफिया सरदार अमित विजय के गठजोड़ को ध्वस्त कर आम जनता को न्याय दिलाने के आदेश जनहित में जारी करे, हस्तक्षेप करें। वरना जीवन भर की कमाई जमा पूंजी खून पसीने की गाढ़ी जमा पूंजी भू-माफिया जेडीए अधिकारी मिलकर लूटते रहेंगे और पीड़ित एक अदद पट्टा हाथ में लेकर कोर्ट कचहरी वकीलों के यहाँ दौड़ लगाते हुए अपना जीवन बर्बाद करने को विवश जबरन शिकार बनते रहेंगे!

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