आसान नहीं है नेता प्रतिपक्ष का राजस्थान में मनोनयन जानिए क्यों?

भाजपा विधायक दल की बैठक में नहीं हो सका कोई निर्णय, 16 फरवरी तक करना होगा मनोनयन!

Update: 2023-02-14 09:22 GMT

रमेश शर्मा

भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के 1 दिन पहले असम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से राजस्थान भाजपा मै एकदम से हल चल बढ़ गई है। दरअसल कटारिया के राज्यपाल नियुक्त हो जाने और राज्यपाल का पद संभालने के साथ उन्हें राजस्थान विधानसभा से विधायक और नेता प्रतिपक्ष से पद से त्यागपत्र देना होगा। इस से नेता प्रतिपक्ष के खाली पद पर मनोनयन के लिए दिग्गज नेताओं के समर्थकों ने लामबंदी शुरू कर दी है।

इसी सिलसिले में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए किसी विधायक का नाम तय करने के लिए आज विधानसभा कि ना लॉबी में भाजपा विधायक दल के विधायकों की बैठक नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के सानिध्य में संपन्न हुई। इस अवसर पर विधायकों द्वारा कटारिया का स्वागत किया गया जिसमें सतीश पुनिया ने कटारिया को साफा पहना कर स्वागत किया। वहीं राजेंद्र राठौड़ ने मिठाई खिलाई तथा वसुंधरा राजे ने बधाई दी। विशेष बात यह रही कि प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार सहित नेता प्रतिपक्ष के दावेदार राजेंद्र राठौड़, वसुंधरा राजे और जोगेश्वर गर्ग प्रथम पंक्ति में एक ही सोफे पर बैठे दिखाई दिए। लोगों की एक _सवा घंटे तक चली विधायक दल की बैठक में बताया जाता है कि राजेंद्र राठौड़ का नाम चर्चाओं में रहा लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया।

अगर सूत्रों की माने तो नेता प्रतिपक्ष का मनोनयन का निर्णय केंद्रीय नेताओं पर छोड़ा गया है। क्योंकि राजस्थान विधानसभा का चुनाव की कुछ ही महीनों में होना है ऐसे में भाजपा के केंद्रीय नेता भी नाम तय करने से पहले हर दृष्टिकोण को ध्यान में रखेंगे। वैसे जालौर जिले से पूर्व में विधायक रह चुके और वर्तमान के विधायक जोगेश्वर गर्ग के नाम पर भी संभावनाएं जताई जा रही है। गर्ग दलित समाज से आते हैं और चुनावी दृष्टिकोण से इनका नाम भी सुर्खियों में है।

बहरहाल गुलाबचंद कटारिया विधायक पद से त्यागपत्र देने की कोई विधिवत घोषणा तो नहीं की है लेकिन बताया जा रहा है कि वे 16 फरवरी को त्यागपत्र दे सकते हैं ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का नाम भी 16 फरवरी से पहले सामने आ सकता है। लाल अमित शाह सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेपी नड्डा दिल्ली से बाहर ऐसे में निश्चित रूप से उनके दिल्ली लौटने के बाद ही इसमें कोई अंतिम निर्णय हो पाएगा।। देखने वाली बात यह होगी भाजपा हाईकमान इस मामले में किस विधायक को नेता प्रतिपक्ष के लिए उपयुक्त समझेगा!

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