स्कूल में मामूली विवाद के बाद गंभीर धाराओं में जेल भेजे गए अनुदेशक की बांदा मंडल कारागार में दिल का दौरा पड़ने से मौत

अजीत कुशवाहा बांदा जनपद मे अनुदेशक पद पर थे। मामूली विवाद के चलते एक छात्रा के परिजनों ने इन पर पाक्सो और SCST एक्ट लगा दिया, 6 महीने से बंद थे, जमानत् नहीं हुई, रक्षा बंधन पर अपनी बहन से इनके आखिरी शब्द थे मै निर्दोष हूँ मुझे न्याय मिलेगा कल इनकी हार्ट अटैक से मृत्यु जेल मे ही हो गयी।

Update: 2023-09-13 04:14 GMT

बांदा। पाक्सो एक्ट और छेड़खानी में मंडल कारागार में छह माह से निरुद्ध अनुदेशक की रविवार को सुबह अचानक हालत बिगड़ गई। जेल अस्पताल से बंदी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन की ओर से मृतक परिजनों को सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने जेल प्रशासन पर बंदी के साथ मारपीट कर मार डालने का आरोप लगाया। जबकि जेल प्रशासन का कहना है दिल का दौरा पड़ने से अनुदेशक की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

शहर के परशुराम तालाब मुहल्ला निवासी अजीत (46) पुत्र वासदेव दो मार्च 2023 से मंडल कारागार में निरुद्ध था। रविवार की सुबह करीब नौ बजे अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। बंदीरक्षकों ने देखा तो जेल अधिकारियों को सूचना दी। जेल अधिकारियों ने बंदी को तत्काल जेल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर हालत में सुधार न होने पर बंदी को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जेल के सिपाही बंदी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां पर चिकित्सक ने देखते ही बंदी को मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी जेल प्रशासन ने मृतक परिजनों को दी। रोते-बिलखते परिजन अस्पताल पहुंच गए। मृतक के पिता ने बताया कि अजीत बिसंडा थाना क्षेत्र के भुराने पुरवा प्राथमिक विद्यालय में अनुदेशक के पद पर तैनात था। पिता का आरोप है कि छेड़खानी और पाक्सो एक्ट के मामले में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में निरुद्ध था। उसे कोई बीमारी नहीं थी। उसने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि जेल प्रशासन ने अजीत को मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया। जबकि वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने से अजीत की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हकीकत सामने आएगी।

बंदी के पिता ने डीएम की शिकायत, जांच की मांग

छेड़खानी और पाक्सो एक्ट में छह माह से मंडल कारागार में निरुद्ध रहे अनुदेशक की अचानक मौत हो जाने पर परिवार के लोगों ने जेल प्रशासन पर बंदी के साथ मारपीट कर मौत के घाट उतार देने का आरोप लगाया है। इस आशय का शिकायती पत्र मृतक के पिता वासुदेव कुशवाहा ने जिलाधिकारी को देते हुए मामले गंभीरता पूर्वक जांच कराए जाने और जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

पत्नी और बच्चे हुए हुए बदहवास

अनुदेशक अजीत की मौत हो जाने के बाद मृतक की पत्नी विद्योत्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। वह दहाड़े मारकर रोती रही और बेहोश जो जाती रही। परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह से उसे संभालते रहे। पिता की मौत से बड़े बेटे हर्ष और छोटे बेटे हिमांशु का भी फफक कर रो रहे थे। अपनी मां को बिलखता देखकर दोनो बच्चे अपने मां के बार-बार आंसू पोछते रहे। मौके पर मौजूद रहे लोगों ने करुण क्रंदन देखा तो उनकी आंखें भी नम हो गईं।

रक्षाबंधन पर जेल मिलने गई थी बहन, मां और पत्नी

अनुदेशक की अचानक मौत हो जाने को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। क्योंकि रक्षाबंधन के मौके पर मृतक की बहन उर्मिला, मां गीता और पत्नी विद्योत्मा जेल में मुलाकात करने गईं थीं। उस दौरान अजीत बिल्कुल स्वस्थ हालत में था। बहन ने अपने भाई को राखी बांधी थी। जबकि पत्नी विद्योत्मा और मां गीता ने बातचीत कर हाल जाना था। उस दौरान अजीत को ऐसी कोई बीमारी नहीं थी कि उसकी मौत हो जाए।

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