दनकौर ब्लॉक क्षेत्र के डेरीन गुजरान गांव में ग्रामीणों ने गांव में विकास न होने पर भाजपा नेताओं की प्रवेश पर रोक लगा दी है. उन्होंने गांव के मुख्य द्वार पर रविवार को एक बोर्ड लगा कर अपनी नाराजगी जता दी है.
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारीवादी करते हुए अपना रोष व्यक्त किया है. उनका कहना है यदि जल्द ही उनकी समस्याएं ठीक नहीं हुई करने पर मजबूर होंगे.रविवार को सैकड़ों की तादात में डेरीन गुजरान गांव के ग्रामीण एकत्रित हुए उन्होंने गांव के मुख्य रोड पर बोर्ड लगाया जिस पर लिखा हुआ था बीजेपी नेताओं का गांव में प्रवेश वर्जित है. गांव के पंकज नागर ने बताया उनका गांव कहने को तो यमुना प्राधिकरण के तहत आता है. लेकिन गांव वाले कई वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं.
उनका आरोप है कि गांव के मुख्य मार्गों पर कई कई फुट कीचड़ भरा हुआ है जिसके चलते पैदल चलना भी दूभर हो रहा है. कई बार इस समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रीय विधायक और सांसद से भी मांग की जा चुकी है जिसके बावजूद भी आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है. इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया अगर हमारी समस्याओं का निराकरण नहीं होगा तो हम भाजपा के नेताओं को गांव में किसी कीमत पर उसने नहीं देंगे.