जगतगुरु रामभद्राचार्य की श्री राम कथा में लगे जय श्रीराम के नारे, ब्रह्मांड की संस्कृति के मूल में हैं रघुवंशी श्री राम : जगतगुरु रामभद्राचार्य

Slogans of Jai Shri Ram raised in Jagatguru Rambhadracharya's Shri Ram Katha

Update: 2023-07-27 17:06 GMT

(धीरेन्द्र अवाना)

नोएडा।श्री रामराज फाउंडेशन और हनुमान सेवा न्यास की ओर से नोएडा स्टेडियम, सेक्टर 21-ए में आज आठ दिवसीय श्री राम का शुभारंभ हुआ।

बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा शहर में पहली बार श्री राम कथा का वाचन किया जा रहा है। श्री राम कथा के आयोजन में आज श्री राम की मर्यादा का बखान जगतगुरु रामभद्राचार्य जी द्वारा प्रारंभ हुआ ।

तय समयानुसार पांच बजे मंच पर जगतगुरु रामभद्राचार्य जी का सिंहासन और पवित्र रामायण ग्रंथ को स्थापित किया गया।नमों राघवाय और जय श्री राम के उद्बोधन के साथ कार्यक्रम के संचालको ने श्रद्धालुयों से भी जय श्री राम का उद्घघोषण करवाया गया ।

जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी के आगमन पर विधि विधान से पूजा अर्चना कर के प्रथम अध्याय की कथा प्रारंभ की गई।रामकथा के दौरान गुरु जी ने कश्मीर पर धारा 370 के हटने ,राममंदिर के निर्माण और ट्रिपल तलाक़ के हटने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारा संकल्प था और आज हर्ष है ये तीनों असंभव से कार्य सफल हो चुके हैं।श्री रामकथा के दौरान गुरु जी ने रघुकुल के वंश का परिचय देते हुए कहा की रघुवंशी चार विधाओं का बहुत सम्मान करते हैं एक ब्राह्मण , एक राष्ट्र एक गौमाता और एक ईश्वर का।

राम जैसा व्यक्तित्व न कभी आया न आएगा , ब्रह्मांड की संस्कृति के मूल में श्री राम ही है।कथा के प्रथम दिन धीरे धीरे पंडाल में कथा सुनने वालों की भीड़ उमड़ पडी।आयोजकों ने ग्रेटर नोएडा में बागेश्वर धाम धीरेन्द्र शास्त्री की श्रीमद् भागवत कथा में होने वाली कमियों से सीख लेते हुये एक बेहतर व्यवस्था का इंतेजाम किया।पंडाल में भक्तजनों के सभी व्यवस्थाओं जैसे जल , पार्किंग , बैठक इत्यादि का विशेष ध्यान रखा गया।

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