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हमसे जुड़ें - Page 68
रडुअन के घर जच्चगी....
सबेरे की चाय पीकर गिलास रखा ही था कि फोन घनघनाने लगा। देखा तो पता चला कि चौपाल से मुसद्दी भइया याद कर रहे हैं। झपट कर फोन उठाया। स्क्रीन पर उंगली घुमाने के साथ ही एक फौजी की तरह जयहिंद सर की तर्ज पर...
4 July 2021 10:38 AM IST
कुछ कसैला-सा (लघुकथा)
"कोई बात नहीं, काहे चेहरा लटका रखा है, अभी दो टेम की गैस तो है सिलिंडर में।
3 July 2021 2:24 PM IST


















