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लाइफस्टाइल की ऐसी 5 आदतें अगर ध्यान न दिया तो धूम्रपान से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं, जानिए- क्या?

एक्सपर्ट्स 5 आदतें साझा करते हैं जो आपके शरीर के लिए धूम्रपान की तरह जहरीली और खतरनाक हो सकती हैं...

लाइफस्टाइल की ऐसी 5 आदतें अगर ध्यान न दिया तो धूम्रपान से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं, जानिए- क्या?
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हमारे आधुनिक जीवन में, हमारे पास निश्चित रूप से ऐसी आदतें हैं जिनका पालन करना हमें ठीक लगता है लेकिन वास्तव में, हमारे स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम्स में धीरे-धीरे कमी आ सकती है. एक्सपर्ट्स 5 आदतें साझा करते हैं जो आपके शरीर के लिए धूम्रपान की तरह जहरीली और खतरनाक हो सकती हैं.

अपर्याप्त नींद

क्या आपने देखा है कि अगर आप ठीक से नहीं सोते हैं तो अगले दिन आप कितने सनकी और चिड़चिड़े हो जाते हैं? ये क्वालिटी वाली नींद को नजरअंदाज करने के साइड इफेक्ट्स में से एक है. हेल्थ प्रोफेशनल्स के मुताबिक, हमें ये सुनिश्चित करने के लिए हर दिन कम से कम 6 घंटे की नींद लेनी चाहिए कि हमारा शरीर अपनी नेचुरल स्पीड से फिर से जीवंत हो रहा है. सोने के घंटों में कोई भी समझौता आपकी इम्यून सिस्टम, रेस्पिरेटरी और पाचन तंत्र को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है.

हाई एनिमल-प्रोटीन भोजन खाना

पनीर और मांस जैसे एनिमल प्रोटीन से भरपूर भोजन का ज्यादा सेवन IGF1 नामक हार्मोन की वजह से कैंसर के विकास को बढ़ावा दे सकता है. इसके लिए जोखिम कारक धूम्रपान के बराबर है. ऐसे प्रोटीन के ज्यादा सेवन से बचने के लिए अपने भोजन में प्लांट प्रोटीन जैसे बीन्स को शामिल करें.

लंबे समय तक बैठे रहने का समय

जब आप ऑफिस जाते हैं तो पूरे दिन अपनी कुर्सी से चिपके रहना उतना ही खतरनाक है जितना कि धूम्रपान. अध्ययनों ने लंबे समय तक बैठने को जोड़ा है, चाहे वो काम के लिए हो या ड्राइविंग के लिए, फेफड़े, स्तन और कोलन जैसे अलग-अलग कैंसर से. हर एक या दो घंटे में थोड़ा-थोड़ा घूमना सुनिश्चित करें और फिर अपना काम जारी रखें.

खुद को अलग करना

जितना वक्त की जरूरत है, खुद को एकांत में रखना अभी भी सही नहीं है. क्यूंकि COVID-19 ने हमारे जीवन में प्रवेश किया है और सामान्य जीवन की परिभाषा को बदल दिया है, इसलिए शारीरिक दूरी की सिफारिश की जाती है न कि सामाजिक दूरी की. अकेले रहना ठीक है लेकिन अकेला होना ठीक नहीं है और दोनों शब्दों के बीच एक बहुत पतली रेखा है जिसे समझना किसी के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

ये एक और चीज है जिसकी वजह से कोई इंसान दिल की बीमारियों से ग्रस्त हो सकता है. इतना ही नहीं, ये चिंता, भावनात्मक गड़बड़ी और यहां तक ​​कि हानिकारक व्यसनों जैसी अतिरिक्त बीमारियों को भी आमंत्रित करता है. कुछ अच्छे दोस्त बनाने की कोशिश करें जो कम होने पर भी आपकी बात सुनें.

घर के अंदर बैठना

विटामिन-डी सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है जो हमारे शरीर को तब चाहिए जब उसे इम्यूनिटी का निर्माण या फिर से प्राप्त करना होता है और सूरज इसका एक बड़ा सोर्स है, इसलिए घर के अंदर 24/7 बैठे रहने से आपके शरीर में विटामिन-डी की कमी हो सकती है जिससे COVID-19 सहित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

(डिस्क्लेमर : शोध और कई अध्ययनों के आधार पर ये आर्टिकल पूरी तरह से जानकारी वाली है. हालांकि, टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं करता है.)

Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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