जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कह दी यह बात जानिए

Update: 2022-08-31 12:08 GMT

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सिंतबर में पूर्णिया में प्रस्तावित रैली को भाजपा की सांप्रदायिक तनाव पर टिकी राजनीति बताया और कहा कि वह अब कितना भी नाक-पैर रगड़ ले प्रदेश में उसकी (भाजपा) दाल नहीं गलेगी। "सांप्रदायिक तनाव पर टिकी है BJP की राजनीति" उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ''भाजपा की राजनीति सांप्रदायिक तनाव पर टिकी है और यह अमित शाह की होने वाली यात्रा के लिए जगह के चयन को देखकर स्पष्ट हो रहा है।

लेकिन, इसका कोई फायदा नहीं होगा। बिहार में सांप्रदायिकता को भुनाने की भाजपा की योजना उसी तरह विफल हो जाएगी जैसे पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में हुई थी।'' "बिहार में अब इनकी दाल नहीं गलने वाली" जदयू नेता ने कहा, ''कितना भी नाक-पैर रगड़ लें, बिहार में अब इनकी दाल नहीं गलने वाली है। अमन-चैन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में रह रहे बिहार के लोगों पर इनके कुत्सित प्रयासों का कोई असर नहीं पड़ने वाला।

'' उल्लेखनीय है कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ महागठबंधन के साथ सरकार बनाने के बाद अमित शाह की सितंबर में प्रस्तावित यह पहली यात्रा है। वह 23 सितंबर को पूर्णिया में रैली को संबोधित करेंगे। इसके बाद 24 सितंबर को किशनगंज में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

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