बाढ़ पीड़ितों को मुआबजा देना सुनिश्चित करें: ताराकिशोर

Update: 2021-09-14 14:11 GMT

कुमार कृष्णन

मुंगेर।बिहार के उप मुख्यमंत्री सह प्रभारी मंत्री तारकिशोर प्रसाद के द्वारा संग्रहालय सभागार में जिले के बाढ़/अतिवृष्टि/आपदा एवं राजस्व संग्रहण से संबंधित समीक्षात्मक बैठक किया गया। पावर प्वायंट परजेंटेंशन (पीपीटी) के माध्यम से जिले में आयी बाढ़ की स्थिति के साथ राहत एवं बचाव कार्यो की विस्तार से जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।

गंगा जल स्तर की बात करे तो पिछले 22 सालों में यह उच्चतम शिखर पर था। 2016 और 2019 में आयी बाढ़ की तुलना में ज्यादा व्यापक था। 17 अगस्त को 40.15 मीटर जल स्तर रहा। बाढ़ प्रभावित कुल 06 प्रखंडों के 44 पंचायत रहे। पूर्णरूप से 21 पंचायत प्रभावित थे। 331 गाॅव/वार्ड बाढ़ प्रभावित रहे। 06 प्रखंडों में कुल 3 लाख 15 हजार जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित हुए। 382 झोपड़ी, 23 कच्चा मकान तथा 38 पशु शेड की क्षति हुई।

इस विभीषिका में सदर प्रखंड के 01 पशु भैंस की मृत्यु हुई। 12 व्यक्तियों की मृत्यु बाढ़ के पानी में डूबने से हुई। आरडब्लूडी मुंगेर में 38 तथा खड़गपुर-तारापुर के 17 रोड पुल पुलिया प्रभावित हुए। जिन्हें मोटेरेबुल बना दिया गया है। कृषि क्षति के बात करे तो 06 प्रखंड के 142 ग्राम प्रभावित हुए। 14171 हेक्टेयर रकवा प्रभावित रहे। राहत बचाव दल में एनडीआरएफ के दो टीम सक्रिय भूमिका में रही। 127 नाव बाढ़ से लोगों को निष्क्रमण कार्य में लगी थी। 26 सामुदायिक रसोई केन्द्र तथा 25 आपदा राहत शिविर चलाये गये। 20 हजार पॉलिथीन सीट तथा 25 हजार सूखा राशन वितरित किये गये। शिविरों में 25 मोबाईल चिकित्सा दल सक्रिय थे। 1685 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में छिड़काव किया गया।

राहत केन्द्रों पर 7134 टेस्टिंग तथा 9335 टीकाकरण दिया गया। 46 हजार से अधिक जीआर वितरण हेतु अबतक इंट्री की गयी है। निदेश दिया गया है कि बावजूद इसके कोई छुटे है तो 24 घंटे में डाटा साक्ष्य के साथ उपलब्ध कराये। 44 हजार से अधिक लोगों का जीआर राशि उनके खाते में चली गयी है। बाढ़ से मृत सभी 12 लोगों का भुगतान कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से लाभ लेने में यदि कोई छुट गये हो तो जाॅचोंपरांत उन्हें भी लाभार्थी सूची में शामिल किया जायेगा।

जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि जमालपुर, बरियारपुर और सदर के सभी कृषि योग्य भूमि को बाढ़ प्रभावित मानते हुए सभी को मुआवजा राशि दी जा रही है। खड़गपुर में विद्युत एवं जलापूर्ति के प्रश्न पर जनप्रतिनिधियों ने सवाल किया कि इस दो बिन्दु पर समस्याएं है। निदेश दिया गया कि सभी निम्न या जर्जर विद्युत उपकरणों को बदलने का प्रस्ताव दे।

राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गयी। राज्य कर वाणिज्य ने अपने लक्ष्य का 26 प्रतिशत राजस्व की संग्रहण किया है। विद्युत 79 एवं राष्ट्रीय बचत 31 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमी योजना ऋण प्राप्त करने में किसी प्रकार का जीएसटी निबंधन पत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप सभी विभाग राजस्व संग्रहण में मुस्तैदी के साथ कार्य करे।

माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि/बाढ़ के कारण जो भी फसल बर्बाद हुई है उनका सही सही मुआवजा देना सुनिश्चित करे। बैठक में जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, विधायक मुंगेर प्रणव कुमार, विधायक अजय कुमार सिंह, जिलास्तरीय सभी पदाधिकारी तथा सभी राजनीतिक दलो के जिलास्तरीय अध्यक्ष उपस्थित थे।

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