इतिहास का सबसे महंगा तलाक? UAE के पीएम अपनी छठी पत्नी को देंगे इतने अरब का हर्जाना?
भारतीय रुपये में यह राशि 55104446595 बैठती है।;
लंदन/दुबई : जिस तरह शादी में शहनाई की धुन पंडाल के बाहर तक सुनाई देती है उसी तरह तलाक में हर्जाने की गूंज दूर तक जाती है. ब्रिटिश इतिहास के सबसे महंगे तलाक के बारे में बताते हैं. इसमें हर्जाने की रकम लाख-दो लाख या करोड़ 10 करोड़ में नहीं है. बल्कि 5540 करोड़ में तलाक फाइनल हुआ है. तलाक का ये मुआवज़ा दुबई के किंग शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम अपनी पूर्व पत्नी राजकुमारी हया बिंत अल-हुसैन को देंगे.
ब्रिटेन की एक अदालत ने दुबई के शासक को तलाक के हर्जाने के रूप में पूर्व पत्नी और उनके बच्चों को 55 करोड़ पाउंड का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसे ब्रिटिश इतिहास के सबसे महंगे तलाक समझौतों में से एक बताया जा रहा है। भारतीय रुपये में यह राशि 55104446595 बैठती है।
पत्नी और बच्चों को अलग-अलग पैसे देने होंगे
लंदन हाईकोर्ट ने कहा कि शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम को अपनी छठी पत्नी राजकुमारी हया बिंत अल हुसैन को 25.15 करोड़ पाउंड का भुगतान करना होगा। इसके अलावा उनके बच्चों 14 वर्षीय अल जलीला और नौ वर्षीय जायद को 29 करोड़ पाउंड की बैंक गारंटी के तहत भुगतान करना होगा। ऐसे में कुल राशि 55 करोड़ पाउंड बनती है।
यूएई के पीएम भी हैं शेख मोहम्मद
अदालत ने कहा कि बच्चों को प्राप्त होने वाली कुल राशि 29 करोड़ पाउंड से अधिक या कम हो सकती है। यह विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जैसे कि वे कितने समय तक जीवित रहते हैं और क्या वे अपने पिता के साथ मेल-मिलाप करते हैं। 72 साल के शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री भी हैं।
2019 में भागकर ब्रिटेन पहुंची थी राजकुमारी
न्यायाधीश फिलिप मूर ने यह आदेश पारित किया। सैंतालीस वर्षीय राजकुमारी हया 2019 में भागकर ब्रिटेन पहुंची थीं और ब्रिटिश अदालतों के माध्यम से अपने दो बच्चों का संरक्षण मांगा था। जॉर्डन के दिवंगत राजा हुसैन की बेटी हया ने कहा कि वह अपने पति से भयभीत थीं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी दो बेटियों की खाड़ी अमीरात में जबरन वापसी का आदेश दिया था।
पारिवारिक कोर्ट भी शेख के खिलाफ सुना चुका है फैसला
ब्रिटेन की एक परिवार अदालत के न्यायाधीश ने अक्टूबर में फैसला सुनाया था कि शेख मोहम्मद ने कानूनी लड़ाई के दौरान राजकुमारी हया के फोन को हैक करने का आदेश दिया था। हालांकि, शेख मोहम्मद ने इस आरोप से इनकार किया था। जिसके बाद शेख की तरफ से भी कानूनी लड़ाई लड़ी गई।