कमलनाथ ने IIFA के लिए दिए थे 700 करोड़ रुपये, शिवराज बोले- कोरोना पर होगा खर्च

IIFA-2020 इवेंट मार्च में होना था। कमलनाथ सरकार गिरने और कोरोना वायरस संकट की वजह से इसे कैंसल कर दिया गया।

Update: 2020-04-10 13:51 GMT

मध्य प्रदेश सरकार ने इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकैडमी अवॉर्ड्स-2020 (IIFA अवॉर्ड) के लिए दिए गए 700 करोड़ रुपये के फंड को कोरोना के खिलाफ जंग में लगाने का फैसला किया है। कांग्रेस पार्टी की कमलनाथ सरकार ने यह राशि भोपाल और इंदौर में प्रस्तावित इवेंट के लिए आवंटित की थी, जिसे अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कोविड-19 से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ट्रांसफर करने का फैसला किया है।

शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंतजामों की समीक्षा करते हुए कहा, 'प्रदेश में एक बड़ा आयोजन आईफा होने वाला था। वर्तमान में कोरोना संकट के चलते यदि आईफा पर व्यय होने वाली राशि कोरोना सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दी जाती है, तो उससे बड़ी संख्या में जनता को सहायता दी जा सकती है।''

शिवराज ने किया था विरोध

IIFA-2020 इवेंट मार्च में होना था। कमलनाथ सरकार गिरने और कोरोना वायरस संकट की वजह से इसे कैंसल कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि यह इवेंट राज्य को दुनिया के कोने-कोने में प्रॉजेक्ट करेगा, क्योंकि 90 देशों में इसका प्रसारण किया जाएगा। इवेंट पर 700 करोड़ रुपये खर्च होने वाले थे। शिवराज सिंह चौहान ने यह कहकर इसका विरोध किया था कि इस रकम का इस्तेमाल बाढ़ राहत और किसानों का कर्ज माफ करने के लिए किया जा सकता है।

हॉटस्पॉट किए जाएंगे सील

शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए तैयारियों का जायजा लिया और कहा कि जिन इलाकों में कोरोना के मरीज हैं उन्हें हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया जाएगा और पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। प्रशासन को जरूरी वस्तुओं जैसे दूध, दवा की आपूर्ति का ध्यान रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने निदेर्श दिए कि प्रदेश में कोरोना से प्रभावित 15 जिलों के हॉटस्पॉट क्षेत्रों को पूरी तरह सील किया जाए। कोरोना से प्रभावित 03 जिलों भोपाल इंदौर में उज्जैन को पहले ही पूरा सील किया जा चुका है।

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ये इलाके होंगे सील

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी सप्लाई चैन प्रभावित ना हो। प्रदेश के 15 जिलों के कुल 46 क्षेत्रों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है, जहां कोरोना संक्रमण के मामले मिले हैं। जबलपुर जिले के 8, ग्वालियर जिले के 6, खरगोन जिले के पांच, मुरैना का एक, शिवपुरी का एक, बड़वानी के 5, बैतूल का एक, विदिशा के दो, श्योपुर का एक, छिंदवाड़ा के पांच, रायसेन का एक, होशंगाबाद के तीन, खंडवा के दो, धार का एक तथा देवास जिले के चार क्षेत्रों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इन सभी क्षेत्रों को सील करने के निदेर्श दिए गए हैं।

करीब 400 करोना मरीज

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस की संख्या 397 हो गई है, जिनमें से 24 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। इंदौर में संक्रमित मरीजों की संख्या 221, भोपाल में 98 उज्जैन में 11 और मुरैना, खरगोन एवं बड़वानी में 12-12 है यह जिले कोरोना से अधिक संक्रमित हैं। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि हमारी कोरोना वायरस जांच क्षमता 1050 प्रतिदिन हो गई है, टेस्टिंग किट्स पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। इसी प्रकार पीपीई कीटस भी पयार्प्त संख्या में प्राप्त हो रही हैं। 

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