कांग्रेस ने शक्ति सिंह गोहिल को बिहार प्रभारी पद से किया मुक्‍त, इन्हें मिली जिम्‍मेदारी

शक्ति सिंह गोहिल ने सोमवार को पार्टी नेतृत्व से उन्हें बिहार प्रभारी के दायित्व से मुक्त करने और कोई ‘हल्की जिम्मेदारी’ देने का आग्रह किया था.

Update: 2021-01-05 16:52 GMT

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के पद छोड़ने की इच्छा को सहमति दे दी है. जबकि गोहिल को बिहार प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए भक्त चरण दास को यह दायित्व सौंप दिया. आपको बता दें कि शक्ति सिंह गोहिल ने सोमवार को पार्टी नेतृत्व से उन्हें बिहार प्रभारी के दायित्व से मुक्त करने और कोई 'हल्की जिम्मेदारी' देने का आग्रह किया था.

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल की इच्छा को स्वीकार करते हुए उन्हें बिहार प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है. जबकि उनकी जगह अब यह दायित्व भक्त चरण दास को सौंपा गया है. हालांकि दास फिलहाल मिजोरम और मणिपुर के लिए भी पार्टी के प्रभारी हैं. इसके अलावा वह बिहार के साथ पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों की जिम्मेदारी देखते रहेंगे. हालांकि शक्ति सिंह गोहिल दिल्‍ली प्रभारी की जिम्‍मेदारी को निभाते रहेंगे.

राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने सोमवार को ट्वीट किया, 'निजी कारणों से मैंने कांग्रेस आलाकमान (Congress High Command) से गुजारिश की है कि मुझे कोई हल्की जिम्मेवारी दी जाए और बिहार के प्रभार से मुक्त किया जाए.'

गुजरात से ताल्लुक रखने वाले गोहिल पिछले ढाई वर्षों से ज्यादा समय से बिहार के कांग्रेस प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं. कांग्रेस नेतृत्व ने अप्रैल 2018 में शक्ति सिंह गोहिल को बिहार प्रभारी पद की कमान सौंपी थी. पार्टी को उम्मीद थी कि गोहिल बिहार कांग्रेस में बड़े बदलाव कर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाएंगे. हालांकि अभी तक ऐसा होता नहीं दिखा है.

बिहार कांग्रेस में नहीं दिख सका बदलाव

बता दें कि हालिया संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी और वाम दलों के साथ गठबंधन में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था. हालांकि पार्टी महज 19 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी थी, जो उसके पिछले बार के आंकड़े से भी आठ सीटें कम हैं. कांग्रेस को इस खराब प्रदर्शन के लिए काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. इसके बाद से लगातार पार्टी में अंदरखाने हार की समीक्षा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की चर्चा चल रही थी. हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक किसी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया है.

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