लॉकडाउन के बीच EPFO ने दिए 764 करोड़ रुपये, 65 लाख लोगों को मिली राहत

पेंशन योजना के तहत अप्रैल में 65 लाख पेंशनभोगियों को कुल 764 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं.

Update: 2020-05-06 04:33 GMT

कोरोना वायरस के इस संकट काल में लोगों को पैसों की काफी दिक्कत हो रही है. यही वजह है कि मजबूरन कई लोग भविष्य निधि यानी पीएफ के पैसे निकाल रहे हैं. वहीं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि उसकी पेंशन योजना के तहत अप्रैल में 65 लाख पेंशनभोगियों को कुल 764 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. ये वो वक्त है जब देशभर में लॉकडाउन लागू था.

एक बयान में कहा गया कि पेंशनभोगियों को असुविधा से बाचने के लिए अप्रैल 2020 की पेंशन समय से पहले जारी कर दी. ईपीएफओ ने मुश्किल हालात के बावजूद अपनी पेंशन योजना के तहत आने वाले 65 लाख पेंशनभोगियों के खातों में समय से धनराशि उपलब्ध कराई. लेकिन सवाल है कि कौन से लोग ईपीएफओ की पेंशन के लिए क्लेम कर सकते हैं. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं..

दरअसल, कंपनी आपकी सैलरी में से हर महीने पीएफ की जो रकम काटती है वो दो हिस्सों में बंटती है. एक हिस्सा प्रोविडेंट फंड यानी EPF और दूसरा हिस्सा पेंशन फंड (EPS) में जाता है.पेंशन फंड में हर महीने 1,250 रुपये अधिकतम जमा हो सकते हैं.

लेकिन इस पेंशन की रकम को वही एकमुश्त निकाल सकता है जिसकी उम्र 58 साल हो गई है, या फिर जिसने लगातार 10 साल नौकरी की है.

सर्विस के 10 साल पूरे होने पर कर्मचारी को पेंशन सर्टिफिकेट मिल जाता है. आपको बता दें कि जिस दिन से आप ईपीएफ स्‍कीम से जुड़ते हैं, उस दिन से आपकी सर्विस के सालों की गणना की जाती है.

आपको बता दें कि कोरोना संकट की वजह से ईपीएफओ ने कुछ नियमों में बदलाव किए हैं. नए नियम के तहत अब पीएफ की रकम या पेंशन के लिए क्लेम करना आसान हो गया है.


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