भारतीय हज यात्रियों के पहले जत्थे ने सही सलामत सऊदी अरब में रखा कदम

भारतीय हज यात्रियों को मदीना के मध्य इलाके में स्थित मस्जिद-ए-नबवी के पास ठहराया गया है।

Update: 2019-07-05 11:26 GMT

नई दिल्ली। हज एक इस्लामी तीर्थयात्रा और मुस्लिम लोगों का पवित्र शहर मक्का में प्रतिवर्ष होने वाला विश्व का सबसे बड़ा जमावड़ा है। मुस्लिमों में धार्मिक कर्तव्य है जिसे अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार पूरा करना हर उस मुस्लिम चाहे स्त्री हो या पुरुष का कर्तव्य है जो सक्षम शरीर होने के साथ साथ इसका खर्च भी उठा पाने में समर्थ हो। लेकिन भारतीय सरकार ने भारतीय मुल के लोगों को इस यात्रा को करने के लिए मुस्लिमों को सब्सिडी देता है। वही इस बार सऊदी अरब ने एक बड़ा कदम उठाते हुये भारत के हज कोटा को 1,70,000 से बढ़ाकर 2,00,000 कर दिया है। इससे अब हर साल 30,000 और लोग हज कर सकते हैं।

बतादें कि 'सऊदी गजट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय राजदूत औसाफ सईद, महावाणिज्य दूत नूर रहमान शेख और हज कौंसल वाई सबीर ने गुरुवार को मदीना स्थित शहजादा मुहम्मद बिन अब्दुल अजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हजयात्रियों की अगवानी की। गुरुवार को आयी रिपोर्ट के मुताबिक, पहला चार्टर्ड विमान 419 हज यात्रियों को लेकर बुधवार को देर रात नयी दिल्ली से उड़ान भरा था।  भारतीय हज मिशन के अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालु मदीना में 8 दिन रुकेंगे और 12 जुलाई को मक्‍का जाएंगे । भारतीय हज मिशन के अधिकारियों ने बताया कि सभी हजयात्रियों का स्वास्थ्य ठीक है और उन्हें मदीना के मध्य इलाके में स्थित मस्जिद-ए-नबवी के पास ठहराया गया है। 


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