IAF BrahMos Test: सुखोई फाइटर जेट से ब्रह्मोस के नए अवतार की सफल टेस्टिंग, घातक स्पीड से किया टारगेट का खात्मा
IAF BrahMos Test: भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस के नए एयर वर्जन का सुखोई-30 एमकेआई से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस मिसाइल को सुखोई से दाग कर दुश्मन के जंगी जहाजों को खत्म किया जा सकता है।;
IAF BrahMos Test: भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस के नए एयर वर्जन का सुखोई-30 एमकेआई से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। मिसाइल को सुखोई से दाग कर दुश्मन के जंगी जहाजों को खत्म किया जा सकता है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने टारगेट शिप को ध्वस्त कर दिया। ब्रह्मोस मिसाइल के इस नए एयर वर्जन की रेंज 400 किलोमीटर है।
ब्रह्मोस मिसाइल के इस सफल परीक्षण के साथ ही भारतीय वायुसेना ने सुखोई फाइटर जेट से जमीन या समुद्र में लंबी दूरी के टारगेट्स पर निशाना लगाने की मारक क्षमता हासिल कर ली है। इस परीक्षण में भारतीय वायुसेना के साथ DRDO, नौसेना, बीएपीएल और HAL शामिल थे। ब्रह्मोस मिसाइल के इस नए वर्जन से सुखोई की मारक क्षमता और बढ़ गई है।
इस सफल परीक्षण से साफ है कि फाइटर जेट सुखोई के जरिए समुद्र में 400 किलोमीटर दूर मौजूद दुश्मन के जंगी जहाज को नष्ट किया जा सकता है। बता दें कि कुछ महीने पहले भी इसी फाइटर जेट से Indian Navy के डिकमिशंड जहाज पर ब्रह्मोस मिसाइल से लाइव फायर किया गया था। मिसाइल ने जहाज में एक बड़ा गड्ढा कर दिया था।
भारत सरकार अपनी सभी टैक्टिकल मिसाइलों की रेंज बढ़ा रही है। भारतीय वायुसेना के 40 सुखोई-30 MKI फाइटर जेट पर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलें तैनात हैं। पिछले साल 8 दिसंबर 2021 वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमके-1 में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एयर वर्जन का सफल परीक्षण किया गया।
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल हवा में ही मार्ग बदल सकती है। इसके साथ ये मिसाइल चलते-फिरते टारगेट को भी ध्वस्त करने में सक्षम है। ये मिसाइल 10 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है। यह किसी भी अन्य मिसाइल पहचान प्रणाली को धोखा देने में सक्षम है।
भारतीय वायुसेना के इस सफल परीक्षण के बाद से ही भारत की सैन्य शक्ति और अधिक बढ़ गई है। ब्रह्मोस मिसाइल के इस सफल परीक्षण के साथ ही ब्रह्मोस मिसाइल के इस नए वर्जन से सुखोई की मारक क्षमता और बढ़ गई है।