नहीं रहे कथक के सम्राट पंडित बिरजू महाराज, 83 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन
रिपोर्ट्स के मुताबिक पंडित बिरजू महाराज रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 12:00 बजे तक अपने नाती पोतों के साथ अंताक्षरी खेल रहे थे. अंताक्षरी खेलते-खेलते अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया;
Pandit Birju Maharaj, Legendary Kathak Dancer, Dies At 83: विश्वविख्यात कथक नर्तक और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज अब इस दुनिया में नहीं रहे। करीब 83 साल की उम्र में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली स्थित आवास में अंतिम सांस ली। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को उन्हें हार्ट अटैक आया। उनके पोते स्वरांश मिश्र ने सोशल मीडिया के जरिए महाराज जी के निधन की सूचना दी है।
पंडित बिरजू महाराज के निधन से भारतीय कला जगत ने अपने एक अनूठे कलाकार को खो दिया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'भारतीय नृत्य कला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!'
रिपोर्ट्स के मुताबिक पंडित बिरजू महाराज रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 12:00 बजे तक अपने नाती पोतों के साथ अंताक्षरी खेल रहे थे। अंताक्षरी खेलते-खेलते अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गए। उन्हें दिल्ली स्थित साकेत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भारतीय नृत्य कला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति! pic.twitter.com/PtqDkoe8kd
— Narendra Modi (@narendramodi) January 17, 2022
उनकी पौत्री रागिनी महाराज ने जानकारी दी है कि बिरजू महाराज का पिछले एक महीने से इलाज चल रहा था। उन्हें रविवार देर रात 12:15 बजे और 12:30 बजे के बीच सांस लेने में तकलीफ हुई। इसके बाद उन्हें 10 मिनट में अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बचाया नहीं जा सका।
लखनऊ घराने से तालुक रखने वाले बिरजू महाराज का असली नाम बृजमोहन मिश्रा था। उनका जन्म 4 फरवरी, 1938 को लखनऊ में हुआ था। उन्हें लोग सम्मान से पंडित जी या महाराज जी कहते थे। बिरजू महाराज ने देवदास, डेढ़ इश्किया, उमराव जान और बाजी राव मस्तानी जैसी फिल्मों के लिए डांस कोरियोग्राफ किया था।