सुप्रीम कोर्ट ने उठाया अभूतपूर्व कदम, देश ही नहीं दुनियाभर में हो रही तारीफ

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ग्रीष्म कालीन अवकाश रद्द कर सामान्य दिनों की भांति 19 जून तक काम करने का फैसला किया है

Update: 2020-05-16 14:34 GMT

नई दिल्ली : भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा अभूतपूर्व कदम उठाया है। इस कदम की देश ही नहीं दुनिया भर में तारीफ हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से लोगों के मन में कोर्ट के प्रति सम्मान का भाव और भी बढ़ गया है। दरअसल, मौजूदा हालातों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ग्रीष्म कालीन अवकाश रद्द कर सामान्य दिनों की भांति 19 जून तक काम करने का फैसला किया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने फुल कोर्ट मीटिंग आहूत की। इस बैठक में गर्मियों की छुट्टी के दौरान अदालत में काम जारी रखने के प्रस्ताव पर आम सहमति बनी।

सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है जिसमें कहा गया है कि "सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियों को लेकर 14 अक्टूबर 2019 की अधिसूचना के आंशिक संशोधन के तौर पर यह सूचित किया जाता है कि 18 मई से 19 जून (दोनों दिन शामिल) तक सुप्रीम कोर्ट के कैलेंडर 2020 की गर्मियों की छुट्टियों को पुनर्निर्धारित किया गया है। कार्य की अवधि भी घोषित की गई है।"

शीर्ष अदालत ने यह भी फैसला किया है कि वह सभी प्रकार के लंबित और नए मामलों को उठाएगी, जिसमें अवकाश अवधि के दौरान तत्काल मामले भी शामिल होंगे। इन मामलों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीशों के परामर्श से कोरोनावायरस के प्रकोप से जुड़ी स्थिति पर निगरानी जारी जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह गर्मी की छुट्टी का लाभ नहीं लेने के फैसले की समीक्षा कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में 24 मार्च से कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हो रही है, जहां केवल अत्यंत जरूरी मामलों को ही प्राथमिकता दी जा रही है।

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