JNU में बवाल, जामिया में 7 छात्रों की रिहाई तक SFI ने टाली डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग, पंजाब यूनिवर्सिटी में भी स्क्रीनिंग पर बवाल

जेएनयू में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर जारी विवाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविघालय तक पहुंच चुका है। जामिया के छात्र संगठन एसएफआई ने आज शाम 6 बजे इस डॉक्‍यूमेंट्री की स्‍क्रीनिंग करने का ऐलान किया है। लेकिन स्क्रीनींग नहीं हो सकी। इस ऐलान के बाद पुलिस अलर्ट पर आ गई है।;

Update: 2023-01-25 18:22 GMT

जेएनयू में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर जारी विवाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय तक पहुंच चुका है। जामिया के छात्र संगठन एसएफआई ने आज यानी बुधवार शाम 6 बजे इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। विश्वविद्यालय के सभी गेटों को बंद करके पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। साथ ही पुलिस 7 छात्रों को हिरासत में ले लिया गया। इसके कारण से छात्र संगठन SFI ने शाम 6 बजे बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं की। SFI द्वारा छात्रों की गिरफ्तारी होने के बाद डॉक्यूमेंट्री के स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी। संगठन का कहना है कि जब तक 7 छात्रों की रिहाई नहीं हो जाती तब तक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं की जाएगी।

जामिया की वाइस चांसलर का बयान

जामिया के चीफ प्रॉक्टर की शिकायत के कारण छात्रों को हिरासत में लिया गया है। मामले में जामिया की वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने कहा कि छात्र संगठन SFI यूनिवर्सिटी कैंपस का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है। हमारे द्वारा ऐसे किसी भी काम के लिए अनुमति नहीं दी गई है। इसके लिए छात्रों की गैरजरूरी हरकत पर कार्रवाई होंगी।

पंजाब यूनिवर्सिटी में भी हुई डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग

इधर जेएनयू और जामिया यूनिवर्सिटी में डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ ही था कि दूसरी ओर पंजाब यूनिवर्सिटी से नया विरोध सामने आ गया। पंजाब यूनिवर्सिटी में भी विवादित डॉक्यूमेंट्री चलाने पर स्टूडेंट सेंटर पर हंगामा शुरू हो गया। PU में NSUI ने यह विवादित डॉक्यूमेंट्री चलाई। जिसे देखने के लिए छात्रों की भीड़ इकट्ठी हो गई। इतने में यूनिवर्सिटी अथॉरिटी को डॉक्यूमेंट्री चलाने की बात की भनक लग गई और प्रोजेक्टर पर चल रहे इस डॉक्यूमेंट्री को फौरन बंद करवा दिया। लेकिन तब तक लगभग आधी डॉक्यूमेंट्री चल चुकी थी।वहीं BBC की डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण पर रोक लगा दी गई है इसके बाद भी TMC नेता महुआ मोइत्रा ने डॉक्‍यूमेंट्री के दूसरे एपिसोड की लिंक ट्विटर हैंडल पर शेयर कर दिया।

उधर गुजरात दंगे पर बीबीसी की इस विवादित डॉक्‍यूमेंट्री से सियासत भी गरमा गई है। हालांकि इस डॉक्‍यूमेंट्री को विश्वविद्यालय में दिखाने से पहले ही हंगामा खड़ा हो गया है। दरअसल मामला यह है कि जेएनयू कैंपस में भारत में प्रतिबंधित बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की गई थी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसी बीच जामिया कैंपस में भी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का ऐलान हो चुका है।अब विश्वविद्यालय में स्क्रीनिंग से पहले ही हंगामा खड़ा हो गया है। छात्रों ने दावा किया कि स्क्रीनिंग से पहले ही पुलिस ने 7 छात्रों को कैंपस के गेट नंबर आठ से हिरासत में ले लिया है। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। स्क्रीनिंग का आयोजन छात्र संगठन एसएफआई द्वारा किया जा रहा है। हंगामे के बाद कैंपस में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर संशय की तलवार लटक रही है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में प्रशासन के प्रतिबंधित करने के बाद भी छात्रों के एक गुट ने पहले तो पूरे कैंपस में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर पोस्टर चिपकाए। इसके बाद मंगलवार देर शाम छात्रों के एक गुट ने मोबाइल पर सरकार द्वारा बैन डॉक्यूमेंट्री को देखा गया था। देर रात तक छात्रों के दो गुट में आपसी झड़प हो गई थी, जिसके बाद छात्रों ने आरोप लगाया कि स्क्रीनिंग के दौरान हम पर पत्थरबाजी हुई थी। विश्वविद्यालय की बिजली को काट दिया गया था। अब इस मामले की जांच जारी है।

प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री को लेकर मचे बवाल को लेकर सियासी पारा भी अपने चरम पर पहुंच चुका है। कुछ नेताओं ने डॉक्यूमेंट्री को अपना समर्थन दिया है और कुछ ने इसका विरोध भी किया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि एक (BBC) डॉक्यूमेंट्री हमारे राष्ट्र की संप्रभुता को कैसे प्रभावित कर सकता है। केंद्र द्वारा डॉक्यूमेंट्री को प्रतिबंध करना अनावश्यक कार्य है। हम इसे नजरअंदाज कर सकते हैं। इससे आगे सांसद कहते हैं कि हमारी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा ऐसी चीज नहीं है जिसे किसी डॉक्यूमेंट्री से आसानी से प्रभावित किया जा सकता है।

वहीं दूसरी तरफ केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि जब भारत ने G20 की अध्यक्षता संभाली, इस डॉक्यूमेंट्री को लाने के लिए उसी समय को क्यों चुना गया? ये डॉक्यूमेंट्री उस सोर्स से आ रहा है। जिसने हमारी आजादी के समय कहा था कि भारत अपनी स्वतंत्रता को संरक्षित करने में अभी सक्षम नहीं है।

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