वो रोती रही और चिल्लाती रही, वो कैमरे के सामने निर्वस्त्र करता रहा और फिर खेत में ले जाकर किया गैंगरेप, वीडियो देख कर हैरान रह गए
आज भारत की सबसे शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। काश में किस भारत में रह रहे है।;
मणिपुर में तस्वीरें देखने लायक नहीं हैं। हम वहशी दरिंदे कहकर घटना की अनदेखी नहीं कर सकते, नहीं करनी चाहिए। दो कुकी लड़कियां, पीछे आगजनी के दृश्य, साथ चलती भीड़। दोनों कुकी लड़कियां बिल्कुल निर्वस्त्र कर दी गयी हैं। उसकी छाती मसली जा रही है। योनि में उंगली की जा रही है। यौन उत्पीड़न की जितनी भद्दी तस्वीरें आप सोच नहीं सकते, वह सरेआम है।
भीड़ बहादुर है। वो हिन्दू है। सदाचारी है। सुसंस्कृत है क्योंकि लड़की कुकी है, ईसाई है। पूरे समुदाय का वहशीकरण हो गया लगता है। सांप्रदायिकता में वहशियानापन घुस गया लगता है। क्या अब भी देश कुछ बोलेगा? क्या प्रधानमंत्री अब भी चुप रहेंगे? क्या कुकी लड़कियों की पीड़ा देश की पीड़ा नहीं है? अनन्त सवाल है्ं।
पिछले दो महीने से जातीय हिंसा की आग में झुलझ रहे मणिपुर से कथित रूप से खौफनाक वीडियो सामने आया है। इसमें पुरुषों का एक समूह दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाते हुए और उनका यौन उत्पीड़न करते हुए नजर आ रहा है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पहाड़ी राज्य में तनाव फैल गया है। आरोप है कि दोनों महिलाओं को खेत में ले जाकर उनके साथ गैंगरेप हुआ। इस मामले में आम आदमी पार्टी का बयान भी सामने आया है।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'मणिपुर की वारदात बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। भारतीय समाज में इस तरह की घिनौनी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मणिपुर के हालात बेहद चिंताजनक बनते जा रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करता हूं कि वे मणिपुर के हालातों पर ध्यान दें। इस वारदात की वीडियो में दिख रहे दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। भारत में ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
AAP ने की अपील
आम आदमी पार्टी ने अपने बयान में कहा, 'हमें एक वायरल वीडियो की जानकारी मिली है जो कथित रूप से मणिपुर का बताया जा रहा है। यहां दो महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाया गया और उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। हमें पता चला है वीडियो कांगपोकपी जिले के बी फैनोम गांव का है जहां पूरे गांव को आग लगाने के बाद महिलाओं के साथ गैंगरेप हुआ।'
बयान में आगे कहा गया, 'आम आदमी पार्टी इस भयानक घटना की निंदा करती है। पार्टी सभी नागरिकों से गुजारिश करती है कि असहाय महिलाओं के अपमान वाले बर्बर वीडियो को शेयर किए बिना इस कुकृत्य के खिलाफ आवाज उठाए।' आप ने आगे लिखा, 'राज्य और केंद्र सरकार की निष्क्रियता कष्टकारी है। हम फिर से प्रधानमंत्री से मणिपुर मामले में हस्तक्षेप करने की गुजारिश करते हैं।'
वो रोती रहीं, मिन्नतें करती रहीं...
‘इंडिजीनियस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (आईटीएलएफ) के गुरुवार को प्रस्तावित मार्च से एक दिन पहले यह वीडियो सामने आया है। आईटीएलएफ की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह घटना इंफाल से लगभग 35 किमी दूर कांगपोकपी जिले में 4 मई को हुई। आईटीएलएफ के एक प्रवक्ता के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा है कि पुरुष असहाय महिलाओं के साथ लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं और वे (महिलाएं) रो रही हैं और उनसे मिन्नतें कर रही हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अब तक 160 की जान गई
प्रवक्ता ने घृणित कृत्य की निंदा करते हुए एक बयान में मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें, राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अपराध का संज्ञान लें और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करें। कुकी-जो आदिवासी गुरुवार को चुरचांदपुर में प्रस्तावित विरोध मार्च के दौरान इस मुद्दे को भी उठाने की योजना बना रहे हैं।
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। तब से अब तक 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।