तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री पद बड़ा सस्पेंस, चुनाव जीतने वाले भाजपा के सभी सांसदों और मंत्रियों ने लोकसभा से दिया इस्तीफा!

विधानसभा चुनावों में जीतकर आए सभी 12 भाजपा सांसदों ने इस्तीफा दिया, सिर्फ बाबा बालकनाथ और रेणुका सिंह आज संसद नहीं पहुंच पाए वो कल इस्तीफा देंगे.

Update: 2023-12-06 08:25 GMT

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत 4 राज्यों में विधानसभा का चुनाव जीतने वाले सभी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये सभी लोग विधायक के तौर पर काम करेंगे और अपने प्रदेश में भाजपा को मजबूत करेंगे। सभी सांसदों ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर के दफ्तर पहुंचकर इस्तीफा सौंप दिया। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छ्त्तीसगढ़ में सीएम पद को लेकर कयास और तेज हो गए हैं। दरअसल कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद पटेल ने मध्य प्रदेश में चुनाव लड़ा था और जीते भी हैं। ऐसे में इनके इस्तीफे के बाद कयास तेज हैं कि क्या वे सीएम बनेंगे?

इन नेताओं के अलावा राजस्थान से राज्यवर्धन सिंह राठौर जैसे नेताओं ने भी चुनाव में जीत हासिल की है। विधानसभा चुनावों में भाजपा के दर्जन भर सांसदों और मंत्रियों ने जीत हासिल की थी। इन सभी लोगों से पार्टी ने इस्तीफा लिया है। इन लोगों में नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, राकेश सिंह, उदय प्रताप और रीति पाठक शामिल हैं, जो मध्य प्रदेश में जीते हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में अरुण साव और गोमती साई को जीत मिली थी।

सीएम पद की रेस में क्यों अब और बढ़ गया सस्पेंस

राजस्थान में विधायक बने राज्यवर्धन राठौर, महंत बालकनाथ, दीया कुमारी और किरोड़ी लाल मीणा ने भी इस्तीफे दिए हैं। इन लोगों के इस्तीफों के बाद तीनों ही राज्यों में मुख्यमंत्री पद के लिए चल रही रेस में सस्पेंस और बढ़ गया है। कयास लग रहे हैं कि किसी मंत्री या सांसद को भी मुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है। राजस्थान में तो दीया कुमारी और महंत बालकनाथ को लेकर गंभीर चर्चाएं रही हैं।

बालकनाथ आज नहीं पहुंचे इस्तीफा देने, अब तक 10 ने छोड़ा पद

अब तक 10 सांसदों ने इस्तीफे दे दिए हैं, जबकि रेणुका सिंह और बालकनाथ आज नहीं पहुंचे हैं। खबर है कि वे भी आज या कल में ही इस्तीफा दे सकते हैं। महंत बालकनाथ अलवर सीट से सांसद हैं और उन्होंने इसी जिले की तिजारा सीट से विधानसभा इलेक्शन में जीत हासिल की है। उन्हें योगी आदित्यनाथ का करीबी भी माना जाता है। ऐसे में उन्हें लेकर भी चर्चा है कि हिंदुत्व के आइकॉन और पिछड़े समुदाय से आने वाले बालकनाथ को भी मौका मिल सकता है।

Tags:    

Similar News