जहांगीरपुरी बवाल में कुशल चौक के पास स्थित इमारतों, पथराव वाली जगह व धार्मिक स्थल आदि की छतों पर पत्थर, ईंट व रोड़ी मिली है। अपराध शाखा के एक अधिकारी की माने तो छतों से भारी संख्या में हिंसा के दो दिन बाद पत्थर, ईंट व कांच की बोतलें मिली हैं। इस आधार पर आसानी से कहा जा सकता है कि साजिश के तहत शोभा यात्रा पर पथराव किया गया था।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या साजिश के तहत हिंसा की गई थी। पुलिस मौके से सुबूत जुटा रही हैं। अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि एफएसएल की चार टीमें ने सोमवार को घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। एफएसएल की टीम ने धार्मिक स्थल की आसपास की इमारतों, पथराव वाली जगहों से साक्ष्य उठाए हैं। हिंसा वाली जगह के पास स्थित इमारतों की छतों पर पत्थर, कांच की बोतल, ईंट व रोड़ी मिली हैं।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरूआती जांच में ये लग रहा है कि साजिश के तहत हिंसा को अंजाम दिया गया है। जांच में ये बात भी सामने आई है कि शोभा यात्रा को दूसरी बार निकाला जा रहा था।
एक बार शोभा यात्रा वहां से निकल चुकी थी। दूसरी बार जब शोभा यात्रा निकाली जा रही थी तब नारेबाजी तेज हो गई थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा की साजिश किसने रची। अपराध शाखा ने इस कोण से भी जांच तेज कर दी है।
एफएसएल की टीम ने घटनास्थल के पास पहुंचकर सोमवार को फोटोग्राफी की और फोरेंसिक सबूत जुटाए हैं। फोरेंसिक टीम ने मस्जिद की खिड़कियों, दीवारों, सीढ़ी और टॉप फ्लोर से फिंगर प्रिंट्स भी सबूत के तौर पर उठाए हैं।
सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के माध्यम से दिल्ली पुलिस ने बड़ी मात्रा में ऐसे विजुअल आए हैं जिनमें तमाम चेहरे हिंसा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस इन चेहरों की पहचान करने में जुटी है। अपराध शाखा में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एक डीसीपी के नेतृत्व में पांच एसीपी और दस इंस्पेक्टर शामिल किए गए हैं। अपराध शाखा ने पूछताछ के लिए दस से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।