ED के जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह का VRS मंजूर, यहां से हो सकते हैं भाजपा प्रत्याशी

Update: 2022-02-01 05:15 GMT

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह ने भी राजनीति में एंट्री कर ली है। उनका VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर पत्र शेयर करके दी है। उन्होंने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्ड़ा और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है। जल्द ही राजेश्वर सिंह के भाजपा में शामिल होने की तैयारी है, इसके बाद वह गृह जनपद सुल्तानपुर से चुनाव लड़ सकते हैं। राजेश्वर सिंह ने करीब 24 वर्षों की सरकारी सेवा के बाद राजनीति में आने का निर्णय लिया है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी जानकारी

राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरी वीआरएस की अपील को भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है और मैं जल्द ही राजनीति में कदम रखूंगा। सूत्रों के अनुसार राजेश्वर सिंह भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। राजेश्वर सिंह ने लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प लिया है। मैं भी इस मिशन में योगदान देना चाहता हूं और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना चाहता हूं'।

पत्नी आईजी, बहनोई एडीजी

राजेश्वर सिंह 1996 में पीपीएस अधिकारी चुने गए थे। सीओ के पद पर रहते उनकी छवि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की बनी। इसके बाद 2009 में वह ईडी में चले गए। उनके परिवार और रिश्तेदारों में कई अधिकारी हैं। पत्नी लक्ष्मी सिंह लखनऊ रेंज की आईजी हैं। बहनोई राजीव कृष्ण एडीजी आगरा जोन हैं। एक और बहनोई वाईपी सिंह आईपीएस रहे, उन्होंने भी वीआरएस लिया था। एक भाई और एक बहन आयकर में अधिकारी हैं।

11 वर्ष का सेवाकाल शेष था

राजेश्वर सिंह का 11 वर्ष का सेवाकाल शेष था। उन्होंने इसकी सूचना खुद ही सोशल मीडिया पर दी। अपने संदेश में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।

कई अहम घोटाले की जांच की

वर्ष 1997 बैच के पीपीएस अधिकारी रहे राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पर सेवाकाल का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि 24 वर्षों का कारवां एक पड़ाव पर आज रुका है। दस वर्ष यूपी पुलिस में नौकरी करने और 14 वर्ष ईडी में सेवा देने के बाद अब संन्यास ले रहा हूं। वह वर्ष 2007 में ईडी में प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। वहां उन्होंने कई अहम घोटाले की जांच की। इसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील, एयरटेल मैक्सिस घोटाला, आम्रपाली घोटाला, नोएडा पोंजी स्कीम घोटाला, गोमती रिवर फ्रंट घोटाला आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि ईडी में तैनाती के दौरान घोटालेबाज नेताओं, नौकरशाहों, बाहुबलियों और माफिया से उनकी अवैध कमाई से अर्जित 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों को जब्त किया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईडी में हुआ था स्थायीकरण

राजेश्वर सिंह पांच साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर प्रवर्तन निदेशालय गए थे। पहले उन्हें दो साल का विस्तार दिया गया। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईडी में ही स्थायी हो गए। वर्तमान में वह बतौर संयुक्त निदेशक लखनऊ जोन का काम देख रहे थे। उन्होंने अपने संदेश में भाजपा के शीर्ष नेताओं का जिक्र करते हुए लिखा है कि भारत को विश्व शक्ति और विश्व गुरु बनाने का जो संकल्प लिया है, उसका मैं भी भागीदार बनना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहता हूं।

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