आगरा जिले में 300 स्कूल शिक्षा मित्र अनुदेशकों के सहारे, शिक्षा मित्र और अनुदेशकों हुए नाराज तो यूपी की शिक्षा व्यवस्था हो जाएगी फेल

आगरा के स्कूलों की हालत बहुत दयनीय है। प्रधानाध्यापक तो छोड़िए स्कूलों में शिक्षक ही नहीं है अगर शिक्षा मित्र अनुदेशक स्कूल न खोले तो 300 स्कूल में ताला पड़ जाएगा।

Update: 2023-06-10 05:48 GMT

आगरा के स्कूलों की हालत बहुत दयनीय है। प्रधानाध्यापक तो छोड़िए स्कूलों में शिक्षक ही नहीं है अगर शिक्षा मित्र अनुदेशक स्कूल न खोले तो 300 स्कूल में ताला पड़ जाएगा। फिर भी सरकार अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों पर खामोश रहती है, आखिर क्यों? क्या सरकार में बैठे अधिकारी इस बात को सीएम योगी आदित्यनाथ को नहीं बताते है या फिर जान बूझकर शिक्षा मित्र अनुदेशक से खुन्नस निकलते है। अगर यही बात अनुदेशक और शिक्षा मित्र ने की तो यूपी की बेसिक शिक्षा चौपट हो जाएगी। 

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से पढ़ाई के स्तर को उच्चीकरण तक पहुंचाने के लिए तमाम प्रयास किये जा रहे हैं। लेकिन धरातल की स्थिति देखें तो जिले में प्रधानाध्यापक से लेकर शिक्षकों का टोटा है। 800 से अधिक स्कूल प्रधानाध्यापक विहीन है। तो 300 से ज्यादा स्कूलों में शिक्षक ही नहीं है। 113 स्कूल तो बंद की कगार पर हैं।

विभागीय जानकारी के अनुसार आरटीई के नियम के चलते स्कूलों में प्रधानाध्यापक पद खाली हो गए हैं। शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक स्कूलों में 150 से अधिक बच्चों पर एक प्रधानाध्यापक का नियम है। वहीं उच्च प्राथमिक स्कूलों में 100 से अधिक बच्चों पर प्रधानाध्यापक बनाये जाने का नियम है।\

कंपोजिट विद्यालय बने

कंपोजिट विद्यालय बना दिए गये हैं। सैकड़ों विद्यालयों में वरिष्ठता को देखते हुए पद खाली पड़े हैं। सिर्फ सहायक अध्यापकों के भरोसे स्कूल चल रहे हैं। वहीं विद्यालयों में सिर्फ शिक्षामित्र ही शिक्षण कार्य देख रहे हैं। स्थाई प्रधानाध्यापक नहीं होने के कारण स्कूल प्रबंधन का कार्य सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। वरिष्ठ शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ-साथ स्कूल के अन्य कार्यों को भी देख रहे हैं।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हवाले स्कूल

जिले में पिनाहट, फतेहाबाद, जैतपुर, जगनेर, फतेहपुर सीकरी ब्लॉक में 300 विद्यालय एकल हैं। इनमें सिर्फ शिक्षामित्र ही स्कूल की कमान संभाले हुए हैं। स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ रजिस्टरों को पूरा किया जा रहा है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। ट्रांसफर प्रक्रिया शुरु होने के बाद तैनाती बढ़ सकती है। कई विद्यालय कंपोजिट हो चुके हैं। इस कारण भी प्रधानाध्यापक पद रिक्त हैं। वहीं एकल विद्यालयों को लेकर शासन को अवगत कराया जाएगा।

जिला मंत्री, ब्रजेश दीक्षित ने कहा कि जनपद में कई स्कूल केवल शिक्षामित्रों के हवाले ही है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से कई बार विभाग और शासन को अवगत कराया गया है। लेकिन वर्षों से इन स्कूलों में शिक्षक नहीं है।

शिक्षक नहीं पर वेतन

जो स्कूल बंद हो चुके हैं। उन स्कूलों में शिक्षक भले ही नहीं जा रहे हैं। लेकिन उन स्कूलों में कागजी तौर पर जिन शिक्षकों की तैनाती है। वेतन जारी किया जा रहा है। विभाग को ये तक नहीं पता है कि शिक्षक हैं कहां।

चार स्कूल बंद

पिनाहट का नर कांकरी प्राथमिक विद्यालय , फतेहपुर सीकरी कौरई का विद्यालय सहित दो अन्य ब्लॉक के स्कूल बंद हैं। लेकिन विभाग ने अभी तक कोई शिक्षकों की तैनाती नहीं की है।

ये है आगरा जिले में स्थिति

- 1625 प्राथमिक विद्यालय

- 432 जूनियर हाई स्कूल

- 434 कंपोजिट विद्यालय

- 166 नगर क्षेत्र में है स्कूल

- एकल विद्यालय - 300

- बंद विद्यालय- 113

- इनमें से - 4 विद्यालय पूर्णतया बंद

- कुल विद्यार्थियों की संख्या- 2 लाख 90 हजार

- शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशकों संख्या- 10298

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