सुप्रीम कोर्ट का ये है गाइड लाइन, ताजमहल का दीदार कर पाएंगे ट्रंप? फंसा पेंच

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार 'द बीस्ट' विशेष विमान से आगरा पहुंच गई है। ट्रंप इसी कार से खेरिया एयरपोर्ट से ताज का दीदार करने के लिए जाएंगे। यह कार बम, केमिकल, न्यूक्लियर अटैक प्रूफ है।

Update: 2020-02-19 09:03 GMT

आगरा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमर विलास से ताजमहल तक कैसे जाएंगे। इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। अमेरिकी एडवांस की 35 सदस्यीय टीम आगरा पहुंच चुकी है और वह एयरपोर्ट से लेकर ताजमहल तक का चप्पा-चप्पा खंगाल रही है। यह तय है कि खेरिया हवाई अड्डे से ट्रंप अपनी कार बीस्ट से अमर विलास तक आएंगे। काफिले में 25 से अधिक गाड़ियां अमेरिका से आएंगी। हालांकि होटल अमर विलास से ताजमहल के रॉयल गेट तक ट्रंप कैसे जाएंगे यह अभी तय नहीं हुआ है।

लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के ताज दौरे पर संशय की स्थिति अब भी बरकरार है। ट्रंप 25 फरवरी को ताजमहल का दीदार करने आगरा जा सकते हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन उनके दौरे पर पानी फेर सकता है। दरअसल अमेरिकी सीक्रेट सर्विस यह चाहता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ताजमहल के मुख्य द्वार तक अपनी कार "द बीस्ट" में जाएं। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ईंधन से चलने वाली कोई भी कार या अन्य वाहन ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में नहीं आ सकता।

वर्तमान में पर्यटक गोल्फ-कार्ट से ताजमहल के पूर्वी दरवाजे तक जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के लिए भी भारत द्वारा गोल्फ कार्ट के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। हालांकि, सीक्रेट सर्विस सुरक्षा कारणों से गोल्फ कार्ट का उपयोग नहीं करना चाहता। 

साल 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति ओबामा को आना था। पंद्रह दिन तक ताजनगरी में तैयारियां चली, यहां तक कि अमेरिका से फ्लीट की गाड़ियां तक आ गई थीं। लेकिन आखिरी समय पर प्रोग्राम रद्द हो गया था। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने अपने राष्ट्रपति को बैटरी बस से ताजमहल ले जाने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि बैटरी बस बुलटप्रूफ नहीं है। जिस गाड़ी में उनके राष्ट्रपति चलते हैं, उसी से रॉयल गेट तक जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के गाइड लाइन के चलते कोई अधिकारी इस पर सहमति नहीं जता पाया था। यह स्थिति इस बार भी बनेगी। उस समय क्या किया जाएगा। अधिकारी आपस में तो इस पर चर्चा कर रहे हैं मगर कोई हल अभी तक नहीं खोज पाए हैं। स्थिति यह है कि अमेरिकी एडवांस टीम से भी इस पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

अमेरिकी एडवांस टीम के एक-एक अधिकारी की राय बहुत महत्वपूर्ण होती है। उन्हें भेजा ही इसलिए जाता है कि माहौल और सुरक्षा का जायजा लें। कहीं कोई चूक नजर आए तो साफ बता दें। एडवांस टीम दौरा रद्द करने से पहले किसी से अनुमति भी नहीं लेती है। उनके अधिकारी ही अपने स्तर से फैसला सुना देते हैं। पिछली बार ऐसा हो चुका है।

आगरा पहुंची ट्रंप की विशेष कार "द बीस्ट"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार 'द बीस्ट' विशेष विमान से आगरा पहुंच गई है। ट्रंप इसी कार से खेरिया एयरपोर्ट से ताज का दीदार करने के लिए जाएंगे। यह कार बम, केमिकल, न्यूक्लियर अटैक प्रूफ है। इस कार का हर हिस्सा खास है, जो जरूरत और समय के अनुसार अपनी भूमिका निभाता है। यह कार कम से कम 14 कारों के काफिले की बीचोंबीच चलती है। अमेरिकी अफसरों की गाड़ियां भी मालवाहक विमान से आगरा लाई गई हैं।



 

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