इटावा पुलिस ने कर्तव्य के प्रति जान बुझकर लापरवाही करने वाले दरोगा को सिखाया सबक, बर्खास्त करने के लिए पुलिस विभाग को लिखा

Update: 2020-07-23 10:28 GMT

उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा में जब से आईपीएस आकाश तोमर ने कार्यभार संभाला है तो उन्होंने जनता से लेकर पुलिस विभाग के लोंगों को भी सभी सुविधाएँ दिलाने का काम किया है, लेकिन उसके वावजूद भी पुलिसकर्मी अपनी हरकतों से बाज नहीं आये तो उन्हें सस्पेंड करके और सजा देकर भी समझाने के काम किया है। किन्तु इस दौरान एक एसा सरफिरा दरोगा भी मिला जिस पर उनकी चेतावनी को कोई असर नहीं पड़ा। उसको अब उन्होंने जांच कराकर उच्चाधिकारियों को बर्खास्त करने के लिए लिखा है।

पुलिस ने मिली जानकारी के अनुसार उप निरिक्षक विजय प्रताप वर्ष 2015 का उपनिरीक्षक है तथा उक्त उपनिरीक्षक के द्वारा वर्ष 2019 में जनपद इटावा में अगामन किया तथा इससे पूर्व में विभिन्न जनपदों में तैनाती के दौरान कई बार अनुशासितहीनता करने के कारण कई बार निलम्बित रहा है एवं प्रशासनिक आधार पर स्थानान्तरित किया जाता रहा है।

जनपद इटावा आगमन के उपरान्त भी उक्त उपनिरीक्षक द्वारा कई बार अनुशासनहीनता के कृत्य किए गए है जिनमें उक्त उपनिरीक्षक को निलम्बित किया गया है तथा इनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही प्रचलित है जिनका विवरण निम्नवत् है-

1. उक्त उपनिरीक्षक द्वारा विगत में माननीय प्रधानमंत्री महोदय व माननीय मुख्यमंत्री महोदय के विरूद्व सोशल मीडिया आदि पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था।

2. उक्त उपनिरीक्षक द्वारा पुलिस लाइन से थाना बिठौली स्थानातरित किये जाने पर विरोध स्वरूप पुलिस लाइन से दौड लगाकर 60 किमी दूर स्थित थाना बिठौली पर जाने का प्रयास किया गया था जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई थी।

3. कोविड-19 के दौरान लगे लाॅकडाउन में लगी ड्यटी के दौरान उक्त उपनिरीक्षक द्वारा थाना सहसों क्षेत्रान्तर्गत एक गांव के अन्दर गांव के लोगों के साथ मीटिंग कर हिन्दू देवी-देवताओं के विरूद्व आपत्तिजनक एवं भडकाऊ भाषा का प्रयोग करते हुए उनकी मूर्ति खण्डित करने का प्रयास किया गया था जिसके सम्बन्ध में थाना सहसों पर इनके विरूद्व अभियोग भी पंजीकृत किया गया था।

4. उक्त उपनिरीक्षक द्वारा जनपद इटावा में होने वाले राजनीतिक धरना प्रदर्शनों में भी लगातार भाग लिया जाता रहा है।

उपरोक्त किये गये अनुशासनहीन कृत्यों के कारण उक्त उपनिरीक्षक वर्तमान में निलम्बित चल रहा है ।

आज दिनांक 23.07.2020 को उक्त उपनिरीक्षक द्वारा कचहरी परिसर में जाकर अपने अधिवक्ता के साथ गाली गलौच कर मारपीट की गयी है जिसके सम्बन्ध में उक्त उपनिरीक्षक के विरूद्व थाना सिविल लाइन पर अभियोग पंजीकृत कर कानूनी कार्यवाही की जा रही है। इसकी जांच भी एसपी सिटी को दी गई है। साथ ही पुलिस विभाग को इसके बर्खास्तगी के लिए भी लिखा पढ़ी शुरू कर दी गई है. 

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