काले धंधों से माफियाओं ने बनाई करोडो की अकूत संपत्ति, जुआ व सट्टा के संचालन को लेकर एसपी ने किया कोतवाल समेत 5 को सस्पेंड

Update: 2023-10-14 06:17 GMT

- सिस्टम में सेटिंग के चलते नहीं लग पाया ऐसे माफियाओं पर गैंगेस्टर !

- लम्बे समय से पुलिस की कृपा से फल फूल रहे हैं माफिया !

- पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई से टूटेगी अपराधियों और दागी पुलिसकर्मियों की जुगलबंदी !

- पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई मगर अभी तक बेखौफ घूम रहे जुआ व सट्टा संचालक !

- दो जुआ संचालको सहित चार पर एफआईआर दर्ज, सभी फरार ! 

( विवेक मिश्र )

जिले में जुआ व सट्टा के संचालन को लेकर बीती रात पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है जिसमे पांच लोगों बिंदकी कोतवाली प्रभारी अरुण चतुर्वेदी, स्वाट प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव, एसआई विपिन यादव, सिपाही शहनवाज व रजनीश को निलंबित किया था। जबकि अन्य, आबूनगर चौकी इंचार्ज शिवकुमार यादव, सिपाही विवेक मिश्रा, सिपाही कृष्ण कुमार को लाइन हाजिर किया गया था। मामले को लेकर बिंदकी कोतवाली में एक मुकदमा भी दर्ज कराया गया है जिसमे जुआ संचालक सूर्या सोनकर व पवन उत्तम नामजद हैं जबकि दो अज्ञात हैं।

आपको बता दें कि जनपद में लंबे समय से जुआ, सट्टा, पशु तस्करी व गांजा की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है। लम्बे समय से आधा दर्जन चिन्हित माफिया इस काले धंधे में शामिल रहे हैं। जुआ व सट्टा के माफियाओ की पुलिस से पौ बारह रही है, एसओजी जुआ गांजा समेत कई मामलों में लिप्त रही है ! कभी कोई अधिकारी कार्रवाई करना भी चाहता है तो सूचना लीक हो जाने से बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती थी। कुछ वर्ष पूर्व जिले की सबसे बड़ी जुए की फड़ आवास विकास में सीमू सिंह के घर मे चल रही थी। तत्कालीन एसपी रमेश के निर्देश पर एएसपी आईपीएस पूजा यादव ने स्वयं नेतृत्व करते हुए आवास विकास में छापा मारकर जुआ के सरगना सीमू सहित दर्जन भर से अधिक लोगों को पकड़ा था। उस समय फड़ से लगभग 17 लाख रुपये बरामद हुए थे।

मामले में ऐसी कार्रवाई हुई थी जो नज़ीर बन गई थी ! उस कार्रवाई के बाद एक दो वर्ष जिले में बड़ी फड़ का संचालन नहीं हुआ। इधर दो वर्ष से फिर से जुआ व सट्टा संचालक सक्रिय हो गए हैं। तेंदुली के रहने वाले अवस्थी, सूर्या सोनकर बिंदकी सहित आधा दर्जन लोग जिले में जुए की फड़ का संचालन कराने लगे। थानो की पुलिस व एसओजी से सेटिंग के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो पाती थी ! जिले के उच्चाधिकारियों तक सही रिपोर्ट भी नहीं पहुंच पाती थी। इसी तरह गांजा तस्करी के सरगना शिवहरे को एक बार तत्कालीन पुलिस अधीक्षक तब पकड़वा पाए थे जब छापा मारने वाली टीम के मोबाइल जमा करा लिए गए थे। आज भी शिवहरे गैंग जिले में बड़ी गांजा तस्करी कराता है। कुछ माह पूर्व इनके खिलाफ कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज हुई, कई बार पुलिस ने तस्करो के घर छापेमारी भी की मगर स्थानीय पुलिस ने बड़ी डील कर मामला निपटा दिया ! शिवहरे गैंग आज भी जिले में कई गांजा की दुकाने चलवा रहा है।

वहीं सट्टा का सरगना स्वयं अपने को राजा कहता है वह मलवां क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी है जो जिले के कई स्थानों में सट्टा करवाता है। शहर क्षेत्र के भी सट्टे के कई किरदार हैं जिनमे एक गांजा तस्कर का भाई भी शामिल है। जबकि कई नए चेहरे भी इसमें संलिप्त हैं। जुआ, सट्टा व गांजा से इन माफियाओं ने करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाई है। महंगी महंगी गाड़ियों से चल रहे ये जुआ, सट्टा के संचालक स्वयं को राजा से कम नहीं समझते। कई जन प्रतिनिधियों के आगे पीछे भी ये आसानी से देखे जा सकते हैं ! बताते हैं डीजीपी ऑफिस में जिले में चल रहे जुआ, सट्टे के अवैध कारोबार की शिकायत हुई थी जिस पर डीजीपी ने नाराजगी जाहिर की थी। इसी मामले में कप्तान ने बिंदकी सीओ की रिपोर्ट पर पांच लोगों को निलंबित कर दिया है जबकि अन्य पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किये गए हैं !

- पुलिसकर्मियों पर हुई बड़ी कार्रवाई, माफिया पर कब गरजेगा बुलडोजर !

जुआ सट्टा के संचालन होने पर पांच पुलिसकर्मी निलम्बित हो गए जबकि चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर कर दिए गए। पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई होने के बाद सवाल यह उठता है कि निलम्बित पुलिसकर्मी मदद किन माफियाओ की करते थे। अगर उन माफियाओं ने जुआ, सट्टा से करोड़ों रुपये अवैध तरीके से कमाए हैं तो क्या ऐसे माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पाएगी। क्या पुलिस इन पर गैंगेस्टर लगाकर अवैध संपत्ति को कुर्क करा पाएगी ! हालांकि अभी तक पुलिस एक भी माफिया को गिरफ्तार नहीं कर सकी है आगे देखिए क्या होता है !

- क्या कहते हैं जिम्मेदार

इस बाबत एएसपी विजयशंकर मिश्र ने बताया कि जुआ संचालको सूर्या सोनकर व पवन सहित दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। माफियाओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में जुआ, सट्टा व गांजा की बिक्री किसी भी हाल में नहीं होने देंगे।

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