12 साल की नाबालिक बच्ची ने दिया नवजात को जन्म फिर..

Update: 2022-10-09 08:58 GMT

मेरठ में बच्चे को जन्म देने वाली 12 साल की बच्ची मेडिकल अस्पताल में भर्ती है और असहनीय दर्द से कराह रही है। ऑपरेशन के दौरान 12 से ज्यादा टांके आए हैं। बच्ची का इलाज कर रही चिकित्सक ने बताया कि टांके कटने से तक बच्ची को अस्पताल में भर्ती रखा जाएगा। नीकू वार्ड में भर्ती बच्चे की देखरेख कर रहे चिकित्सक ने डीएनए सैंपल लेकर गाजियाबाद पुलिस को सौंप दिया है। जांच रिपोर्ट में बच्चे के पिता की पहचान हो सकेगी। परिवार वाले सदमे में: बच्ची के माता-पिता अस्पताल में उसकी देखरेख कर रहे हैं। मासूम बच्ची को दर्द से कराहते हुए देख उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। पिता का कहना है

कि ऐसे दिन भगवान किसी को न दिखाएं। जिस बच्ची को नाज से पाला उसको इतना दुख मिलेगा ऐसा सोचा भी नहीं था। बच्चे का क्या कसूर: बच्चे को एक सप्ताह बाद बाल संरक्षण समिति को सौंप दिया जाएगा। तब तक बच्चा नीकू वार्ड में चिकित्सकों की देखरेख में रहेगा। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। बच्चे की देखरेख नीकू का स्टाफ कर रहा है। इसके इस्तेमाल में आना वाले सारा समान की जिम्मेदारी बाल रोग विभाग उठा रहा है। बच्ची के माता-पिता नीकू में भर्ती बच्चे से दूरी बनाए हुए हैं। इस नन्हीं सी जान को क्या पता था

कि उसके पैदा होते ही वह अपनों से अलग हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के प्रेस प्रवक्ता, डॉ. वीडी पांडेय ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जच्चा-बच्चा दोनों की हालत में सुधार है। दोनों खतरे से बाहर है। टांके काटने के बाद बच्ची की अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी। बच्ची को नहीं बताया: पिता का कहना है कि बच्ची को प्रसव की जानकारी नहीं दी गई है। बच्ची को बताया गया है कि उसका पथरी का ऑपरेशन कराया गया है।

लजिसकी वजह से पेट में दर्द था। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार किसी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई है। बच्ची के भविष्य पर इसका असर नहीं होने देंगे। सुरक्षाकर्मी की डयूटी बदली: मेडिकल अस्पताल के गायनिक वार्ड में एक अलग रूम में इस बच्ची को रखा गया है। बच्ची की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस कर्मी की डयूटी लगाई गई है। किसी को भी बच्ची से मिलने की अनुमति नहीं है। शनिवार को गाजियाबाद पुलिस ने सुरक्षा कर्मी का बदलाव कर नई सुरक्षा कर्मी की डयूटी लगाई है।

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