15 सितंबर को देवबंद गन्ना समिति में पंचायत के बाद रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा चक्का जाम- भगत सिंह वर्मा।

प्रदेश में गन्ने का लाभकारी रेट 600 कुंतल कराने के लिए संघर्ष जारी रहेगा - भगत सिंह वर्मा।

Update: 2021-09-12 12:02 GMT

देवबंद। आज यहां ग्राम तलहेडी बुजुर्ग में पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा की बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि कृषि प्रधान देश भारतवर्ष व कृषि प्रधान प्रदेश उत्तर प्रदेश में अन्नदाता किसान कर्ज बंद व परेशान है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश का गन्ना किसान भारी संकट में है। प्रदेश के गन्ना किसानों को न ही गन्ने का लाभकारी मूल्य मिल रहा है और ना ही चीनी मिले परदेस के गन्ना किसानों को समय से गन्ना भुगतान कर रही हैं जिससे प्रदेश का गन्ना किसान एक एक रुपए को मोहताज है और भारी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों पर पिछले वर्ष का 7000 करोड रुपए गन्ना भुगतान बकाया है जिसे दिलाने के लिए भाजपा की यीगी सरकार गंभीर नहीं है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों पर पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज 10 हजार करोड रुपए बकाया है। शुगर कंट्रोल ऑर्डर 1966 के अनुसार जो चीनी मिले 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों को भुगतान नहीं करती हैं उन्हें 15% वार्षिक दर से गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान करना चाहिए गन्ना किसानों को चीनी मिलों से ब्याज दिलाने के लिए माननीय हाईकोर्ट व माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश किए हुए हैं इसके बावजूद भी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान नहीं कर रही है जिसके लिए भाजपा की योगी सरकार सीधे-सीधे जिम्मेदार है।

भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को आसानी से गन्ने का लाभकारी रेट ₹600 कुंटल दिया जा सकता है। एक कुंतल गन्ने से 12 किलोग्राम चीनी साडे 4 किलो ग्राम शीरा 30 किलोग्राम बगास खोई व साडे 4 किलो ग्राम शीरा बनता है। चीनी मिलें प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का मुनाफा कमा रही हैं इसके बावजूद भी गन्ना किसानों को समय से गन्ना भुगतान व ब्याज नहीं दे रही हैं।

भगत सिंह वर्मा ने योगी सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने जल्द ही गन्ने का लाभकारी रेट 600 कुंटल घोषित न किया और चीनी मिलों से पिछले वर्ष का गन्ना भुगतान व ब्याज तुरंत न दिलाया मनरेगा योजना को सीधा खेती से नहीं जोड़ा बिजली के रेट उत्तर प्रदेश में आधे न किए डीजल पेट्रोल व गैस के दाम आधे न किए कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर एम एस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू न किया गया तो प्रदेश के किसान 15 सितंबर दिन बुधवार समय 11 बजे गन्ना समिति देवबंद में विशाल महापंचायत करने के बाद देवबंद रेलवे स्टेशन पर रेल का चक्का जाम करेंगे और समस्या हल करने तक परदेस में बड़ा आंदोलन करेंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रविंदर चौधरी ने कहा कि योगी सरकार को 2022 के चुनाव में लाभ लेने के लिए गन्ने का लाभकारी रेट ₹600 कुंटल तत्काल घोषित करना चाहिए। गन्ना प्रदेश की आर्थिक रीढ़ है जिससे प्रदेश सरकार को प्रतिवर्ष 32000 करोड रुपए राजस्व प्राप्त होता है इसके बावजूद भी गन्ना किसानों की सरकार भारी उपेक्षा कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक को मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी जिला अध्यक्ष सुशील चौधरी गुर्जर रामपाल सिंह गुर्जर महकार सिंह गुर्जर मोहम्मद यासीन मोहम्मद तसलीम मोहम्मद मन्नान त्यागी आदि ने संबोधित किया। बैठक में मोहम्मद साजिद बीडीसी असगर अली प्रमुख साजिद त्यागी मोहम्मद आबाद त्यागी चौधरी मेनपाल सिंह महबूब नवाब त्यागी मोहम्मद अकरम त्यागी समीर त्यागी सलीम मलिक तस्लीम त्यागी मोहम्मद यासीन त्यागी आदि सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और 15 सितंबर को भारी संख्या में किसानों की विशाल पंचायत में पहुंचने का आह्वान किया।

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