धर्म-कर्म - Page 242

1930 के दशक का यह गुरुद्वारा है, जब ब्रिटिश सेना के साथ सिख सिपाही गए थे

1930 के दशक का यह गुरुद्वारा है, जब ब्रिटिश सेना के साथ सिख सिपाही गए थे

मनीला में एक गुरुद्वारा है खालसा दीवान। पूरे शहर को इसके बारे में पता है। समय बिल्कुल नहीं था फिर भी देख ही आया। इस गुरुद्वारा में बहुत ढूँढा कि कहीं इतिहास लिखा हो लेकिन नहीं मिला। आधी अधूरी बातें ही...

28 Sept 2019 5:48 PM IST
15 सितम्बर से 28 सितम्बर तक पितृपक्ष पर विशेष, श्रद्धा के समर्पण का पर्व है श्राद्ध-ज्ञानेन्द्र रावत

15 सितम्बर से 28 सितम्बर तक पितृपक्ष पर विशेष, श्रद्धा के समर्पण का पर्व है श्राद्ध-ज्ञानेन्द्र रावत

पौराणिक मान्यतानुसार मृतात्मा तत्काल एक अतिवाहिक शरीर धारण कर लेती है। अन्त्येष्ठि क्रिया यानी शवदाह आदि संस्कार क्रिया से लेकर दस दिनों तक किये जाने वाले पिण्डदान से आत्मा दूसरी भोगदेह धारण करती है।

15 Sept 2019 10:27 AM IST