कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर गिरफ्तार, थाने पर AK-47 से हमले के बाद हुआ था फरार, 3 लाख रुपये था इनाम
थाने पर उसकी गैंग के गुर्गों ने 2019 को हमला किया था और एके-47 से धावा बोलते हुये पपला गुर्जर को लॉकअप से छुड़ा कर ले गये थे।;
जयपुर। राजस्थान पुलिस आखिरकार मोस्ट वांटेड कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर काे गिरफ्तार करने में कामयाब रही। अलवर के बहरोड़ थाने पर उसकी गैंग के गुर्गों ने 5 सितंबर 2019 को हमला किया था और एके-47 से धावा बोलते हुये पपला गुर्जर को लॉकअप से छुड़ा कर ले गये थे। तभी से राजस्थान और हरियाणा पुलिस इस लाखों रुपये के इनामी बदमाश के पीछे पड़ी थी। हरियाणा मूल का कुख्यात विक्रम उर्फ पपला गुर्जर आखिरकार गुरुवार को पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार कुछ ही देर में जयपुर रेंज पुलिस इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही है।
जानिए कौन है पपला गुर्जर
बता दें कि कुख्यात बदमाश पपला गुर्जर हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले के खैरोली का रहने वाला है। हरियाण और राजस्थान में पपला गुर्जर कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। यह कहना गलत नहीं होगा कि पपला गुर्जर कभी राजस्थान में आतंक का पर्याय रहे गैंगस्टर आनंदपाल जितना खतरनाक है। पपला ने अपने गुरु शक्ति गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सितम्बर 2019 में गैंगस्टर पपला गुर्जर अपनी गैंग के करीब एक दर्जन बदमाशों के साथ राजस्थान अलवर जिले के बहरोड़ थाना इलाके में आया था। यहां पर लादेन गैंग से हिस्ट्रीशीटर जसराम गुर्जर उर्फ जसराम पटेल की हत्या का बदला लेने के लिए आया था। इसी दौरान बहरोड़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। बहरोड़ पुलिस पपला गुर्जर को पकड़कर थाना तो ले आई, मगर 24 घंटे भी हिरासत में नहीं रख सकी। 6 सितम्बर 2019 की सुबह पपला गुर्जर के साथी फिल्मी स्टाइल में बहरोड़ पुलिस थाने पर हमला करके उसे छुड़ा ले गए थे।
राजस्थान पुलिस पपला गैंग के 35 से अधिक बदमाशों को पहले ही जेल तक पहुंचा चुकी है। लेकिन अब तक फरार पपला गुर्जर भी अब पुलिस पकड़ में आ गया है। पिछले साल जुलाई में झुंझुनूं के खेतड़ी में पत्थर की लीज चलाने के विवाद में एक युवक की हत्या मामले में पपला गुर्जर गैंग का बताया गया था। इसी जांच में भी पपला गुर्जर के सुराग मिले थे। इसके बाद एडीजीपी जयपुर बीजू जॉर्ज जोसेफ, जयपुर आईजी एस सेंगाथिर, एसओजी के एएसपी करण शर्मा, नीमराणा एएसपी सिद्धार्थ शर्मा ने झुंझुनूं एसपी जगदीश प्रसाद शर्मा के साथ खेतड़ी नगर में बैठक की और पपला गुर्जर गुर्गों पर विशेष नजर रखने और हरियाणा बोर्ड पर खास निगरानी के लिए कहा था।
बहरोड़ थाने में एके-47 से गोलियां बरसाते हुये बदमाशों ने लॉकअप से विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को 5 सितंबर 2019 को छुड़ाया था। हरियाणा के खैरोली जिला महेन्द्रगढ़ के रहने वाला पपला अपने साथी जसराम पटेल की हत्या का बदला लेने बहरोड़ आया था। हालांकि बहरोड़ के बदमाश विक्रम उर्फ लादेन को मारने की साजिश में कामयाब होने से पहले ही उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बहरोड़ पुलिस ने पपला को 31.90 लाख रुपए के साथ पकड़ा था।
पपला की फरारी के बाद बहरोड़ थाने 69 पुलिसकर्मी हुए थे लाइन हाजिर
पपला मामले में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों बाद बहरोड़ थाने के 69 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। एसएचओ सुगन सिंह और पूर्व डीएसपी जनेश सिंह सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। डीएसपी रामजीलाल को भी एपीओ किया गया था।
पपला गैंग के 35 से ज्यादा बदमाश अरेस्ट, 3 लाख का इनामी पपला
बहरोड़ की वारदात के बाद पपला की धरपकड़ के दौरान राजस्थान एसओजी/एटीएस और भिवाड़ी पुलिस ने उसकी गैंग के 35 से अधिक बदमाशों गिरफ्तार किया। ये बदमाश कई राज्यों में वांटेड थे और कइयों पर हजारों रुपये का इनाम भी था। पपला गुर्जर पर राजस्थान पुलिस ने एक लाख रुपए और हरियाणा पुलिस ने 2 लाख रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था।