ऐसा शायर जिसने खून थूका है :

जौन उठता है यूँ कहो यानी, मीर ओ ग़ालिब का यार उठता है!!;

Update: 2021-08-12 06:50 GMT

बज़्म से जब निगार उठता है

मेरे दिल से ग़ुबार उठता है...!!

जौन उठता है यूँ कहो यानी

मीर ओ ग़ालिब का यार उठता है!!

......

उम्र भर अपनी आरज़ू की है

मर न जाऊँ विसाल पे अपने...

......

दुनिया तबाह करके होश आ गया है दिल को

अब तो हमारी सुन लो अब हम सुधर चले हैं...

.......

यूँ तो हम दम-ब-दम ज़मीं पे रहे

उम्र सब आसमान में गुज़री

.......

हम ने लिक्खा निसाब-ए-तीरा-शबी

और ब-सद आब-ओ-ताब ही लिक्खा

मुंशियान-ए-शुहूद ने ता-हाल

ज़िक्र-ए-ग़ैब-ओ-हिजाब ही लिक्खा

न रखा हम ने बेश-ओ-कम का ख़याल

शौक़ को बे-हिसाब ही लिक्खा

दोस्तो हम ने अपना हाल उसे

जब भी लिक्खा ख़राब ही लिक्खा...

......

नवाएं, निकहतें, आसुदा चेहरे, दिलनशी रिश्ते

मगर इक शख़्स इस माहौल में क्या सोचता होगा !!

~ जौन एलिया

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