एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के तहत पतंग उड़ाना जुर्म, कैसे उड़ेगी आसमान में मकर संक्रांति पर पतंग ?
यदि नही तो शिथिलता के आदेश कब तक जारी होंगे, अवगत कराएं ।;
एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934 के अंतर्गत पतंग उड़ाने पर न केवल जेल हो सकती है बल्कि दस लाख तक का जुर्माना भी अदा करना पड़ सकता है । सवाल उठता है कि अब मकर संक्रांति को जयपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पतंग उड़ेगी कैसे ?
एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के तहत पतंग और बैलून उड़ाने, उसका निर्माण एवं मरम्मत करने का काम सरकार द्वारा जारी लाइसेंस हासिल किए जाने के बाद ही किया जा सकता है । ऐसा नहीं करने पर इसे गैरकानूनी माना जाएगा, जिसके तहत जेल की सजा का भी प्रावधान है ।
मकर संक्रांति के मौके पर पूरे भारत में पतंगबाजी की धूम है । लेकिन कम लोगों को ही पता होगा कि देश में पतंग उड़ाने के लिए भी परमिट जरूरी है । कानून के मुताबिक पतंग उड़ाने के लिए विधिवत लाइसेंस का होना आवश्यक है । लाइसेंस के अभाव में 10 लाख रुपए तक के जुर्माने और जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है ।
एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के मुताबिक आसमान में उड़ाई जाने वाली वस्तु जैसे पतंग और बैलून आदि को उड़ाने, निर्माण तथा मरम्मत करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है । ऐसा न करने पर 10 लाख रूपए जुर्माने और दो साल के कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है ।
अब सवाल यह उत्पन्न होता है कि एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के मुताबिक आसमान में पतंग उड़ाने पर कानून जेल भी हो सकती है और दस लाख तक का जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है । ऐसी स्थिति में मकर संक्रांति पर पतंग उड़ेगी कैसे ? यदि कोई पतंग उड़ाता है भी तो वह गैर कानूनी कृत्य होगा । लोग मकर संक्रांति पर पतंग नहीं उड़ाएंगे, यह सम्भव नही है ।
वरिष्ठ पत्रकार महेश झालानी ने प्रधानमंत्री, कानून मंत्री तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अंग्रेजो के जमाने से चले आ रहे इस वाहियात कानून को अविलम्ब समाप्त करने का आग्रह किया है । मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में झालानी ने पूछा है कि पतंग उड़ाने वालो के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने का इरादा रखती है ? यदि नही तो शिथिलता के आदेश कब तक जारी होंगे, अवगत कराएं ।