शानदार,बेहतरीन/लाजवाब, हिंदी को ढेरों बँधाई, शानदार लेखक मिलने पर- आशुतोष

Update: 2021-10-25 16:50 GMT

देश का जाने माने वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने वरिष्ठ पत्रकार मनोज राजन त्रिपाठी द्वारा लिखी गई किताब को पढ़कर उसके विश्लेष्ण पर उन्हें बधाई दी है. आशुतोष के बधाई देने पर मनोज त्रिपाठी ने उनको धन्यवाद दिया है. 

आशुतोष ने कहा कि मैंने फ़िक्शन/ थ्रिलर पढना तीस साल पहले छोड़ दिया था । क्राइम थ्रिलर इतना पढ़ा था कि जी ऊब गया और फिर कभी नहीं पढ़ा । लेकिन पहले मित्र संजीव पालीवाल की "नैना" पढी और बाद में "पिशाच"। अब मनोज की "कोड काकोरी" ।

आशुतोष ने कहा कि मनोज ने इस उपन्यास में जो ताना बाना बुना है, और उसको जिस तरह से इतिहास से जोड़ा है, वो अद्भुत है । काकोरी की पवित्रता अपने पूरे अहसास के साथ इस उपन्यास में जीवित है । लिखने का अंदाज़ बिलकुल नया है । भाषा का प्रयोग अत्याधुनिक के साथ बेहद लोकल । चिकोटी काटती चलती है । गुदगुदाती है । लेकिन सस्पेंस कभी नहीं टूटता और अगला पेज पढ़ने के लिये मजबूर करता है । फिल्म का कथानक ही फ़िल्म का नायक है । जो अंत में एक बेहद संवेदनशील संदेश देकर सोचने के लिये मजबूर करता है ।

आशुतोष ने कहा कि मनोज बस इतना ही कहुंगा - शानदार/बेहतरीन/लाजवाब । हिंदी को ढेरों बँधाई, शानदार लेखक मिलने पर । 

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