अगर नहीं हैं मतदाता की अंगुलियां, तो जानें कहां लगाई जाती है चुनावी स्याही
जब आप पोलिंग बूथ पर वोट करने जाते हैं, तो आपने देखा होगा कि मतदाता की अंगुली पर एक स्याही लगाई जाती है। इससे पहचान की जाती है कि कौन लोग वोट डाल चुके हैं, और ये लोग दोबारा वोटिंग न कर पाएं। इसलिए इस तरह की व्यवस्था की होती है। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि अगर मतदाता की अंगुली ही नहीं है, तो फिर उसके स्याही कहां पर लगाई जाती है? शायद नहीं, अगर आप ये जानना चाहते हैं तो चलिए हम आपको इस बारे में बताते हैं।
दरअसल, जो लोग वोट डालते हैं, उनके लिए चुनाव आयोग की अपनी गाइडलाइंस है। इसके मुताबिक वोट करने वाले व्यक्ति के बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली पर स्याही लगाई जाती है। ब्रश से नाखून के ऊपर से पहली गांठ तक अमिट स्याही लगाई जाती है।
वोट करने वाले मतदाता की तर्जनी अंगुली पर इसलिए चुनावी स्याही लगाई जाती है, ताकि कोई व्यक्ति दोबारा से वोट न कर पाएं और फर्जीवाडे को रोका जा सके। वहीं, अगर कोई व्यक्ति इस स्याही को मिटाने की कोशिश करे, तो वो ऐसा नहीं कर पाता क्योंकि ये चुनावी स्याही कई दिनों तक अंगुली से नहीं छूटती है।
अगर किसी व्यक्ति के बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली नहीं है, तो ऐसी स्थिति में उसके बाएं हाथ की किसी भी अंगुली पर स्याही लगाई जा सकती है। लेकिन अगर बाएं हाथ पर कोई भी अंगुली नहीं है, तो फिर दाएं हाथ की तर्जनी अंगुली पर ही स्याही लगाई जाती है।
अगर किसी व्यक्ति के दाएं हाथ में तर्जनी अंगुली नहीं है, तो उसके दाएं हाथ की किसी भी अंगुली पर चुनावी स्याही लगाई जा सकती है। लेकिन अगर दोनों हाथों में कोई भी अंगुली नहीं है, तो फिर दोनों हाथ के किसी भी हिस्से पर चुनावी स्याही लगाई जा सकती है। वहीं, अगर व्यक्ति के दोनों हाथ ही नहीं है, तो पैर के अंगूठे पर चुनावी स्याही लगाई जाती है।