शनिवार को करें इस तरह शनिदेव की पूजा

Update: 2021-10-30 04:23 GMT

शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। इस दिन न्याय के देवता शनिदेव की पूजा करने का विधान है। आज के दिन शनिदेव की पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव हर एक बुरे काम का फल मनुष्य को जरूर देते हैं। इसीलिए उनकी पूजा का विशेष महत्त्व है। पूर्ण नियमानुसार पूजा और व्रत करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और सारे कष्‍ट दूर हो जाते हैं।

शनिदेव के क्रोध से बचना बेहद जरूरी है नहीं तो मनुष्य पर कई तरह के दोष लग जाते हैं। ऐसा कहा जाता है अगर शनिदेव की पूजा सही तरीके से की जाए तो उनकी कृपा अवश्य मिलती है। साथ ही ग्रहों की दशा सुधरती है।

मान्‍यता है कि अगर आपके कारोबार में घाटा हो रहा हो या परेशानियां आ रही हों तो शनिदेव की पूजा जरूर करें। इससे संकट दूर होते हैं। हर शनिवार को मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। अगर आस-पास शनि मंदिर ना हो, तो पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं या फिर गरीबों को दान करें।

शनिवार को सुबह उठें और स्नान कर स्‍वच्‍छ कपड़े पहनें। फिर हनुमान जी और शनिदेव की आराधना करते हुए तिल, लौंगयुक्त जल को पीपल की जड़ में डालें।

शनिदेव की प्रतिमा के समीप बैठें और मंत्रोच्चारण करें। पूजा संपन्‍न होने के बाद काले वस्त्रों और काली वस्तुओं को दान करें।

ऐसा माना जाता है कि शनिदेव की पूजा में तांबे के बर्तनों का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए। शनि की पूजा में लोहे के बर्तनों का ही उपयोग करना चाहिए। पूजा में दीपक भी लोहे या मिट्टी का ही जलाएं और लोहे के बर्तन में ही तेल भरकर शनिदेव को चढ़ाएं। साथ ही हर शनिवार को काले तिल और काली उड़द भी शनिदेव को अर्पित करें।

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