मेरठ से पकड़कर गाजियाबाद में गिरफ़्तारी दिखाने के चक्कर में फंस गई गाजियाबाद पुलिस, अब इन बड़े अधिकारियों से मांगा जबाब

पीड़ित की पत्नी की रिपोर्ट पर कोर्ट ने मांगी गिरफ्तार करने गए पुलिसकर्मियों की लोकेशन रिपोर्ट

Update: 2023-03-01 05:59 GMT

गाजियाबाद : NDPS एक्ट में एक युवक को गिरफ्तार करने में गाजियाबाद पुलिस फंस गई है। आरोप है कि मेरठ से किडनैप करके गाजियाबाद से गिरफ्तारी दिखाई गई। जेल गए व्यक्ति की पत्नी ने गाजियाबाद के DCP (सिटी), SHO और सब इंस्पेक्टर के खिलाफ स्पेशल NDPS कोर्ट में अवमानना का वाद दायर किया है।

कोर्ट ने पुलिसकर्मियों की लोकेशन और कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR) निकलवाने का आदेश दिया था, जिससे सच्चाई का पता चल पाए। आरोप है कि इस आदेश को टेलीकॉम कंपनियों तक पहुंचाने में पुलिस ढिलाई कर रही है। अवमानना पर कोर्ट ने सोमवार को वाद दर्ज करते हुए DCP सहित तीनों पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। 13 मार्च को अगली सुनवाई होगी।

पुलिस ने दिखाई 60 किलो गांजे की बरामदगी

25 जनवरी 2022 को गाजियाबाद की कविनगर थाना पुलिस ने शांतिनगर मोड़ से एक व्यक्ति की गिरफ्तारी दिखाई। इस शख्स का नाम राजेश पांडेय है जो शांतिनगर का रहने वाला है। उसके कब्जे से 60 किलो गांजा और 250 ग्राम नशे की गोलियां बरामद होना दर्शाया। राजेश की पत्नी सुनीता देवी ने NDPS कोर्ट में वाद दायर करके इस गिरफ्तारी को गलत बताया। सुनीता ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस ने उनके पति को कार सहित मेरठ के शास्त्रीनगर से अगवा किया और गाजियाबाद लाकर फर्जी तरह से गिरफ्तारी दिखाई।

कोर्ट ने कहा था- पुलिसकर्मियों की लोकेशन निकलवाएं

मामले की सच्चाई जानने के लिए कोर्ट ने 5 सितंबर 2022 को आदेश दिया कि गिरफ्तारी में शामिल रहे पुलिसकर्मियों की 25 जनवरी से 28 जनवरी 2022 तक की लोकेशन व सीडीआर निकाली जाए। ये आदेश सर्विस प्रोवाइडर टेलीकॉम कंपनियों के जोनल ऑफिसरों को दिया गया और आदेश तामील कराने की जिम्मेदारी कविनगर थाना पुलिस को दी गई। कविनगर पुलिस ने दो बार कोर्ट में ये रिपोर्ट लगा दी कि 'संबंधित लोगों ने न्यायालय के आदेश को प्राप्त करने से इनकार कर दिया'।

पुलिस पर झूठी रिपोर्ट दाखिल करने का आरोप

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता खालिद खान ने इस कथित रिपोर्ट को चुनौती दी। कहा कि जोनल ऑफिसर के एड्रेस बिहार, दिल्ली, मेरठ और नोएडा के हैं। पुलिस द्वारा एक दिन में इन चारों जगह जाकर, वापस आकर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करना संभव नहीं है। आशंका है कि पुलिस ने खुद से तैयार कर झूठी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है। अधिवक्ता ने कहा कि कोर्ट ने तीसरी बार 19 दिसंबर 2022 को कविनगर थाने के SHO अमित कुमार काकरान को ये आदेश सर्विस प्रोवाइडर जोनल ऑफिसर के पास जाकर प्राप्त कराने को कहा। SHO ने 22 दिसंबर 2022 को कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी कि आदेश प्राप्त करा दिए गए हैं।

कोर्ट में दर्ज हुआ वाद, नोटिस जारी

अधिवक्ता खालिद खान का दावा है कि SHO कहीं नहीं गए। अपने स्तर से मुहर बनवाकर प्राप्ति दर्शाकर कोर्ट में झूठी रिपोर्ट लगाई है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी वाले दिन की मोबाइल लोकेशन सामने न आने पाए। अवमानना के इस वाद पर गाजियाबाद की NDPS कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट ने DCP निपुण अग्रवाल, एसएचओ अमित काकरान और सब इंस्पेक्टर प्रजन्त त्यागी के खिलाफ वाद दर्ज करते हुए इन्हें नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

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