वरिष्ठ पत्रकार, राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत के स्वास्थ्य में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। लेकिन उसकी गति बहुत धीमी है। वह पिछले तकरीब कई वर्षों से मधुमेह और हृदय रोग से पीडि़त हैं।
लेकिन बीते बीस दिनों से वह मधुमेह के चलते दौनों पैरों में हुए फोडो़ं फिर भीषण घावों के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। वैसे उनका इलाज मधुमेह विशेषज्ञ डा.राजेश केशरी की देखरेख में हो रहा है जिन्होंने उन्हैं अब घर पर ही पूर्ण विश्राम की सलाह दी है। हम सभी पर्यावरण प्रेमी कार्यकर्ता उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।