Prayagraj Police Commissioner: प्रयागराज के पहले पुलिस कमिश्नर बनाए गए IPS रमित शर्मा, आम लोगों में हर्ष का माहौल

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस कमिश्नरेट में आइजी स्तर के अधिकारियों को मौका दिया है।

Update: 2022-11-29 10:07 GMT

प्रयागराज : आपकी कार्यकुशलता,द क्षता आपके व्यक्तित्व का आईना होती है। कुछ ऐसे ही व्यक्तित्व के 1999 बैच के आईपीएस अफसर ईमानदार, तेजतर्रार आईजी बरेली रमित शर्मा (IPS Ramit Sharma) प्रयागराज के पहले पुलिस कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं। जमीनी,प्रभावी व त्वरित कार्यवाही करने वाले अफसरों में उनकी गिनती होती है। वह मूल रूप से हापुड़ के रहने वाले हैं। चार वर्ष पूर्व 2018 में प्रयागराज में बतौर आईजी तैनात रह चुके हैं।

यूपी के तीन शहरों प्रयागराज, आगरा व गाजियाबाद में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद बरेली में तस्करों और माफियाओं का गरूर तोड़ने वाले आइजी रमित शर्मा को प्रयागराज का पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) बना दिया गया। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस कमिश्नरेट में आइजी स्तर के अधिकारियों को मौका दिया है। आगरा में आइजी डा.प्रीतिंदर सिंह, प्रयागराज में आइजी रमित शर्मा, गाजियाबाद में आइजी अजय मिश्रा व गौतमबुद्धनगर में आइजी लक्ष्मी सिंह को पुलिस आयुक्त बनाई गई हैं, जबकि वाराणसी के नए पुलिस आयुक्त बीते दिनों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लाैटे एडीजी अशोक मुथा जैन बनाए गए हैं।

सोमवार देर रात जारी आइपीएस ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश में आइजी रमित शर्मा को प्रयागराज का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया है। उन्हें बरेली के आइजी पद से प्रयागराज में कमिश्नर की अहम जिम्मेदारी भरे पद पर भेजा गया है। आईपीएस रमित शर्मा की तैनाती जहां भी हुई वहां उन्होंने अपने दबंग अंदाज में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की। बरेली रेंज में करीब डेढ़ साल का कार्यकाल पूरा करने वाले आइपीएस रमित शर्मा ने इस दौरान तस्करों व माफिया पर बड़ी कार्रवाई की। अपराधियों के विरुद्ध कमरतोड़ कार्रवाई अभियान की अगुवाई की। इसके अलावा भी उन्होंने लगातार कई अभियान चलवाए। जिसमें अपराधियों की अरबों रुपयों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण भी हुआ।

बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत व बदायूं में तस्कर सलाखों के पीछे पहुंचे। एनडीपीएस (NDPS) की कार्रवाई में तस्करों की संपत्ति जब्त हुई और ध्वस्तीकरण भी हुआ। माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ रमित शर्मा ने नशा मुक्त समाज के लिए भी निरंतर प्रयास किया। नशामुक्ति के लिए जिदंगी को हां और नशे को ना का अभियान छेड़ा। शराब के अवैध धंधे में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध आपरेशन काला गुलाब चला। गो-तस्करों के विरुद्ध भी कार्रवाई हुई। भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों पर भी शिकंजा कसा।


ऐसा माना जा रहा है कि प्रयागराज के पहले पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनके कार्य इसी तरह आगे बढ़ेंगे और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती रहेगी। प्रयागराज में नियुक्ति के दौरान घटनास्थल पर फौरन पहुंचकर जायजा लेना एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें देखा गया है प्रयागराज में कई बड़े विरोध प्रदर्शन,आक्रोश को उन्होंने सरलता से काबू पाने में सफलता हासिल की। उनकी नियुक्ति पर आम लोगो को पुनः त्वरित व प्रभावी न्याय की उम्मीद जगी है। कमिश्नर प्रणाली से व्यापक बदलाव देखा जा सकता है।

शशांक मिश्रा की रिपोर्ट 

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