
धर्म-कर्म - Page 97
जानें क्यों हनुमानजी ने लिया ये पंचमुखी रूप
जब राम और रावण की सेना में युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय के समीप था तब उसने अपने मायावी भाई अहिरावण को बुलाया जो मां भवानी का परम भक्त था इसे तंत्र का अच्छा ज्ञान था। उसने अपनी माया से वानर सेना...
15 Dec 2021 12:24 PM IST
जीवन का मार्गदर्शक है गीता
अरविंद जयतिलक पाश्चात्य जगत में विश्व साहित्य का कोई भी ग्रंथ इतना अधिक उद्धरित नहीं हुआ है जितना कि भगवद्गीता। भगवद्गीता ज्ञान का अथाह सागर है। जीवन का प्रकाशपूंज व दर्शन है। शोक और करुणा से...
14 Dec 2021 6:17 PM IST














