कांग्रेस वर्किंग कमेटी की आखिरी फैसला आज , टूट सकता है ये रिकार्ड

बैठक शुरू होते ही सभी नेताओं ने एक सुर में राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने की अपील की

Update: 2019-08-10 13:24 GMT

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में संतोष जनक परिणाम नही आने के बाद से राहुल गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष पर से इस्तीफा की पेशकश कर दी थी लेकिन वो इस्तीफा नामंजूर हो गया फिर भी राहुल अपनी बात पर अड़े थे कि हम अब अध्यक्ष पर पर नही रहेगें । इसी के बाद से कांग्रेस एक नाम मात्र के अध्यक्ष राहुल गांधी के सहारे नौका पार करने में जुटी रही। लेकिन किसी भी पार्टी को चलाने के लिए एक अध्य़क्ष की जरुर पड़ती है। जिसको लेकर कांग्रेस ने सीडब्ल्यूसी की हाई लेवल मीटिंग आज हुई है। जिसमें पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर कुछ न कुछ निर्णय लिए जा सके।

बैठक शुरू होते ही सभी नेताओं ने एक सुर में राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने की अपील की. बैठक में यह कहा गया कि बिना राहुल गांधी के पार्टी कैसे चलेगी? हालांकि, राहुल ने एकबार फिर यह पद संभालने से साफ इनकार कर दिया। इस बैठक में पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, कई प्रदेश अध्यक्ष और कई अन्य नेता शामिल थे। लेकिन इस हाई लेवल की मीटिंग में अध्यक्ष पद पर मुहर नही लग सकी।

इसी दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी भी बैठक से कुछ बिना बताये बाहर निकल गई। उसके बाद उन्होंने कहा कि अगले पार्टी प्रमुख तय करने के लिए बात चल रही है और स्वाभाविक रूप से मैं और राहुल जी इसका हिस्सा नहीं बन सकते इसलिए हम बैठक से जा रहे है। मेरा नाम बैठक के लिए गलती से शामिल हो गया था।

बैठक की शुरुआत में पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने अध्यक्ष के चुनाव के लिए 5 समितियां बनाकर नेताओं से राय मांगी है। इस दौरान बैठक में पांच कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां पूरे देश में जाकर कार्यकर्ताओं की राय लेंगी। जिसके बाद से कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इसमें से एक कमेटी में सोनिया गांधी का नाम भी शामिल है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र

अंबिका सोनी, अहमद पटेल, ओमान चांडी, हरीश रावत, दीपक बाबरिया, बालासाहब थोराट, अनुग्रह नारायण सिंह, केएच मुनियप्पा, एल फेलेरियो, मीरा कुमार, अरुण यादव और सचिन राव

पूर्व क्षेत्र

सोनिया गांधी, तरुण गोगोई, कुमारी शैलजा, केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, आरपीएन सिंह, पीएल पुनिया, शक्ति सिंह गोहिल, दीपेंद्र हुड्डा और सुस्मिता देव

उत्तरी क्षेत्र

प्रियंका गांधी वाड्रा, अविनाश पांडेय, ताम्रध्वज साहू, रघुवीर मीणा, पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीसी चाको, आशा कुमारी, जी संजीव रेड्डी और रजनी पाटिल

पश्चिमी क्षेत्र

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, एके एंटनी, के सिद्दारमैया, जितिन प्रसाद, कुलदीप विश्नोई, श्रीनिवास बीवी और गौरव गोगोई

दक्षिणी क्षेत्र

मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, अधीर रंजन चौधरी, रणदीप सुरजेवाला, तारिक हमीद कारा, लालजी देसाई, नीरज कुंडल और राजीव सातव

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक से एक दिन पहले राहुल गांधी ने शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कई सुझाव दिए. राहुल गांधी ने पार्टी के नेताओं से कहा कि इस बार केवल पार्टी की सर्वोच्च इकाई कांग्रेस वर्किंग कमेटी अकेले अध्यक्ष का फैसला नहीं करेगी. बल्कि कांग्रेस की प्रदेश कमेटियां और पार्टी की अन्यक इकाई मिलकर फैसला करेंगी । कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा, "कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर विभिन्न नेताओं के साथ व्यापक चर्चा की जाएगी। आखिरी निर्णय सीडब्ल्यूसी का ही होगा।"

इसी बीच कांग्रेस ने लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक समाप्त होने पर बाहर निकल कर यह संदेश दिया कि आज हम रात में फिर से 8.30 बजे बैठक में मिलेंगे। तब हम नए पार्टी प्रमुख के नाम की घोषणा कर सकते है। हमें आज रात 9 बजे तक फाइनल होने की उम्मीद है। 

माना जा रहा है कि नए अध्यक्ष को लेकर मुकुल वासनिक, मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत, सुशील कुमार शिंदे समेत कई नेताओं के नाम की चर्चा है। हालांकि, मुकुल वासनिक का नाम सबसे आगे है। अगर पार्टी इन नेताओं में से किसी को अध्यक्ष बनाती है, तो 21 साल बाद कांग्रेस को गैर-गांधी अध्यक्ष मिलेगा। इससे पहले सीताराम केसरी 1996-98 तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। इसके बाद सोनिया गांधी ने 1998 से 2017 तक अध्यक्ष पद संभाला था।

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