आयकर विभाग टीम की हिरासत में समाजवादी इत्र का निर्माता पम्पी जैन

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Update: 2022-01-03 07:20 GMT

 समाजवादी इत्र बनाने वाले विधान परिषद सदस्य पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन को आयकर विभाग की टीम ने सोमवार को अपनी हिरासत में ले लिया है। पम्पी जैन के आवास तथा प्रष्ठिान सहित एक दर्जन ठिकानों पर बीते चार दिन से पड़ताल कर रही आयकर विभाग की टीम ने अब सख्ती बढ़ा दी है। टीम सोमवार को पम्पी जैन को लेकर कानपुर गई है।

इत्र कारोबारी पुष्पराज जैन के देश में कई प्रतिष्ठान तथा आवास पर पड़ताल में आयकर विभाग को करोड़ों की धनराशि के साथ आयकर देने के मामलों में कमी के कई कागजात मिले हैं। इसके बाद टीम ने चार दिन से कन्नौज में अपने पुश्तैनी आवास में रहे रहे पुष्पराज जैन को अपनी गिरफ्त में लिया है। आयकर विभाग की टीम इत्र कारोबारी को सोमवार सुबह करीब नौ बजे कानपुर लेकर गई है।

आयकर विभाग की टीम अब इत्र कारोबारी समाजवादी पार्टी से विधान परिषद सदस्य पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन से पूछताछ करेगी। यह भी आशंका जताई जा रही है कि टीम उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई और हाथरस भी ले जा सकती है। इत्र नगरी कन्नौज में फिलहाल उनके आवास और कारखाना पर पुलिस कर्मी तैनात हैं। इससे पहले रविवार को पम्पी जैन से आवास इसके बाद पांच घंटे तक कारखाना में पूछताछ की गई थी। यहां उनके बयान दर्ज होने थे। इससे माना जा रहा था कि कार्रवाई रविवार देर शाम खत्म हो जाएगी, लेकिन पुष्पराज के अलग-अलग समय पर अलग बयानों से मामला बढ़ता जा रहा है। बताया जाता है कि बयानों में विरोधाभास होने के कारण अभी उनसे पूछताछ चलेगी। पम्पी ने जो बयान दर्ज कराए हैं, अब उसी आधार पर टीम फिर से जांच करेगी।

समाजवादी इत्र बनाने वाले सपा एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन के ठिकानों से आयकर विभाग को तीसरे दिन दस करोड़ रुपये की फर्जी खरीद और दस करोड़ की बोगस इंट्री के दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है। इससे पहले मिडिल ईस्ट से करीब 40 करोड़ रुपये के निवेश के कागजात पाए गए थे। बड़ी संख्या में सीज कागजातों की जांच की जा रही है।

आयकर विभाग ने पम्पी जैन और मलिक ग्रुप के कानपुर, कन्नौज, लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और हाथरस के 35 परिसरों पर छापेमारी की थी। शनिवार तक कानपुर और लखनऊ सहित 15 परिसरों की जांच पूरी हो गई थी। रविवार को आठ और दफ्तर, गोदाम और कॉरपोरेट ऑफिसों की जांच हो गई। अभी भी 12 जगह छानबीन चल रही है।

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक पम्पी जैन के मुंबई स्थित घर से दो करोड़ रुपये पहले ही मिल गए थे। साथ ही मिडिल ईस्ट से लगभग 40 करोड़ के निवेश के प्रमाण मिले थे। इसके आगे की पड़ताल में खुलासा हुआ कि पम्पी जैन ने कोलकाता की बोगस कंपनियों के जरिए दस करोड़ रुपये की इंट्री ली। इन कंपनियों की पड़ताल में सभी फर्जी पाई गईं। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद-बिक्री के प्रमाण भी मिले हैं। यह भी पाया गया कि कागजों में कुल कारोबार में आधा मुनाफा और आधी बिक्री दिखाई जा रही थी। इसकी जांच में बिल ही बोगस मिले। कानपुर स्थित पम्पी जैन के बहनोई के दोनों घर सील हैं, अभी इनकी जांच नहीं की गई है। वहीं, मलिक ग्रुप के यहां साढ़े तीन करोड़ रुपये कैश मिलने के साथ तमाम कागजों और रजिस्टरों को सील किया गया है।

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