दलित उत्पीड़न मामले पर BSP सुप्रीमो मायावती बोलीं, 'देर आए पर दुरस्त आए CM योगी'

मायावती ने उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति पर हुए उत्पीड़न मामले में चुप्पी तोड़ी है

Update: 2020-06-13 09:25 GMT

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति पर हुए उत्पीड़न मामले में चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा बहन-बेटियों के मामले में आगे भी कार्रवाई तुरंत और समय से होनी चाहिये, यही बेहतर होगा. उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री देर आये पर दुरस्त आये, यह अच्छी बात है. 

मायावती ने शनिवार को ट्विटर पर लिखा, "उत्तर प्रदेश में चाहे आजमगढ़, कानपुर या अन्य किसी भी जिले में खासकर दलित बहन-बेटी के साथ उत्पीड़न हो या फिर अन्य किसी भी जाति और धर्म की बहन- बेटी के साथ हुए उत्पीड़न का मामला हो, उसकी जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है."



उन्होंने आगे लिखा, "खासकर अभी हाल ही में आजमगढ़ में दलित बेटी के साथ हुए उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री देर आये पर दुरस्त आये, यह अच्छी बात है. लेकिन बहन-बेटियों के मामले में कार्रवाई आगे भी तुरन्त और समय से होनी चाहिये तो यह बेहतर होगा."



मायावती ने लिखा कि " इसका दोषी चाहे किसी भी धर्म, जाति या पार्टी से हो, चाहे वो कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. बीएसपी का यह कहना और सलाह भी है."

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) प्रदेश में दलितों (Dalits) पर हो रहे अत्याचार और अपराध के मामले में बेहद सख्त हैं. जौनपुर में दलितों के साथ मारपीट के बाद घर जलाने के आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई है. आजमगढ़ (Azamgarh) में भी दलित बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में एक दर्जन लोगों को अंदर भेजने के साथ एनएसए लगाया है.

सेवानिवृत IPS बृजलाल ने मायावती पर उठाए सवाल

दलितों के उत्पीड़न मामले में चुप्पी को लेकर सेवानिवृत्त आइपीएस बृजलाल ने मायावती और भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर पर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "सुश्री मायावती जी, आपने सियासी मंच पर दशकों खुद को 'दलित की बेटी' कह कर सत्ता का मजा लिया है. आज आजमगढ़ की दलित बेटियां आपको पुकार रही हैं और आप चुप हैं. 'गेस्ट हाउस कांड' की पीड़ा से कम, यह दर्द नहीं है बहन जी. बहन जी संबोधन की ही लाज रखते हुए चंद अल्फाज बोल दीजिए."

उन्होंने आगे लिखा कि आजमगढ़ में मुस्लिम लड़कों ने दलितों को बेरहमी से पीटा. वजह, दलितों ने अपनी बालिकाओं से की जा रही छेड़छाड़ का विरोध किया था. इतनी संवेदनशील घटना पर दलित हित के नाम पर दशकों तक मलाई खाने वाले चुप्पी साधे हैं.

भीम आर्मी चीफ को बताया बहरूपिया

बृजलाल ने कहा, "दलितों की रहनुमाई की नुमाइश करने वाले बहुरूपिया भीम आर्मी चीफ जौनपुर-आजमगढ़ की लोमहर्षक घटना पर खामोश हो? अपनी गुंडई को 'दलित शक्ति ' बताने वाले 'रावण' आजमगढ़ में मुस्लिमों द्वारा सताई तुम्हारी दलित बहनें बिलख रही हैं. क्या पीड़ित का धर्म देख कर तुम्हारा दलित प्रेम उभरता है?"

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