अपनी अपनी जिद के चलते हो गया सब कुछ खत्म, लेकिन अभी फिर है एक ये जिद

Update: 2019-07-09 10:03 GMT

सैफई परिवार की रार के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) से अलग हुए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव सपा से गठबंधन करने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने एक शर्त रखी है।

शिवपाल यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव अगर गठबंधन की पेशकश करेंगे तो प्रसपा सपा से गठबंधन करेगी। रविवार को फिरोजाबाद में पत्रकार वार्ता के दौरान शिवपाल ने यह बयान दिया।

प्रसपा अध्यक्ष का यह बयान उस वक्त आया है, जब सभी राजनीतिक दल प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए सियासी जमीन तैयार कर रहे हैं। इससे सियासी गलियारों में सपा-प्रसपा के एक साथ आने की चर्चाएं होने लगी हैं।

सपा के खिलाफ ठोंकी थी ताल

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में शिवपाल यादव ने सिर्फ मैनपुरी सीट छोड़कर प्रदेश की बाकी लोकसभा सीटों पर सपा के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारे। फिरोजाबाद सीट से भतीजे अक्षय यादव के खिलाफ उन्होंने खुद ताल ठोंकी थीं।

नतीजा फिरोजाबाद सीट से चाचा-भतीजे हार गए और 21 वर्ष बाद यहां भाजपा की वापसी हुई। भाजपा के चंद्रसेन जादौन ने सपा प्रत्याशी को करीब 25 हजार वोटों से हराया। जबकि शिवपाल करीब 90 हजार वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।  

बता दें कि परिवार की लड़ाई में समाजवादी पार्टी का काफी बड़ा नुकसान हो गया है लेकिन पार्टी अभी भी आपसी लड़ाई में उलझी हुई है। यह लड़ाई अगर और खिंची तो सपा का खेल खत्म होनेमें समय नहीं लगेगा।
 

 

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