ज्ञानवापी मस्जिद है और कयामत तक रहेगी - असदुद्दीन ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि यह 1991 के एक्ट का उल्लंधन है। मेरा यही अंदेशा था, जो सच साबित हुआ।

Update: 2022-05-16 13:57 GMT

ज्ञानवापी मस्जिद में तीन दिन और कुल 10 घंटे तक चले सर्वे के बाद हिंदू पक्ष ने सोमवार को 'बाबा मिल गए' का दावा किया और शिवलिंग के संरक्षण के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

इस पर वाराणसी कोर्ट ने डीएम को आदेश दिया कि जिस स्‍थान पर शिवलिंग प्राप्‍त हुआ है, उसे तत्‍काल सील कर दें। इस फैसले के थोड़ी देर बाद ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का एक ट्वीट सामने आया। इसमें उन्‍होंने ज्ञानवापी मसले पर अपनी प्रतिक्रि‍या देते हुए इसे बाबरी मस्जिद मामले में दिसम्‍बर 1949 की पुनरावृति बताया।

असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि यह 1991 के एक्ट का उल्लंधन है। मेरा यही अंदेशा था, जो सच साबित हुआ। ज्ञानवापी मस्जिद थी और कयामत के दिन तक मस्जिद ही रहेगी। इसके पहले एक वीडियो पोस्‍ट में ओवैसी ने कहा कि जब मैं 19-20 साल का था तो बाबरी मस्जिद को मुझसे छीन लिया गया। अब हम आज के 19-20 साल के बच्‍चों के सामने एक और मस्जिद को नहीं खोएंगे। उन्‍होंने लोगों से हाथ उठवाकर 'मस्जिद नहीं खोएंगे' का संकल्‍प दिलाया।

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