सरकारी जमीन के कब्जे में नगरपालिका का उजागर हो रहा दोहरा चरित्र

Update: 2021-03-19 04:36 GMT

कौशाम्बी जनपद मुख्यालय मंझनपुर के रोडवेज़ बस डिपो के सामने आराज़ी न.1960 सरकारी भूमि से नगर पालिका परिषद मंझनपुर द्वारा अवैध कब्जा हटवाया गया है. लेकिन इसी सरकारी रोडवेज बस स्टॉप के आसपास अभी कई अन्य सरकारी जमीनों का बेखौफ तरीके से भू माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे हो रहे हैं. कई सरकारी भूमि पर अभी भी अवैध पक्के निर्माण अवैध तरीके से चल रहे हैं.

अन्य सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे को हटवाने की और नगर पालिका प्रशासन ने अभी तक प्रयास नहीं किए हैं. जिससे नगर पालिका प्रशासन का यह दोहरा चरित्र लोगों के बीच उजागर हो रहा है सूत्रों की मानें तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे करने वाले माफियाओं से पहले नगर पालिका के एक कर्मी द्वारा सौदेबाजी की जाती है और यदि भूमाफियाओं से सौदेबाजी सेट हो गई तो सरकारी भूमि से उन माफियाओं के अवैध कब्जे को हटाने की ओर नगर पालिका परिषद द्वारा कार्रवाई नहीं होती है.

अवैध कब्जे के मामले में चाहे जितनी शिकायत आला अधिकारियों से नगर की जनता करें लगातार नगरपालिका आला अधिकारियों को गुमराह कर वाहवाही लूट लेती है जिन अवैध कब्जा धारकों से नगरपालिका कर्मी की सौदेबाजी में अवरोध उत्पन्न होता है उसी सरकारी भूमि पर कब्जे के मामले पर आला अधिकारियों को सूचित करने के बाद बुलडोजर चलाए जा रहे हैं नगर पालिका परिषद का यह दोहरा चरित्र सवालों के घेरे में है.

जनपद मुख्यालय मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र की कई दर्जन सरकारी भूमि पर वर्षों पूर्व से अवैध कब्जे हैं मंझनपुर चौराहा समदा रोड सहित विभिन्न सड़कों पर बेशकीमती सरकारी जमीनों में बहुमंजिले भवन बने है सरकारी भूमि के इन अवैध कब्जे को हटाने की ओर नगर पालिका प्रशासन गंभीर नहीं है नगर पालिका परिषद मंझनपुर का यह दोहरा चरित्र एक बड़ी जांच का विषय है और इस मामले में यदि आला अधिकारियों ने जांच कराई तो नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों की कलाई खुलना तय है.

अजीत कुशवाहा पत्रकार 

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